दो माह पहले कचहरी रोड स्थित एक फर्नीचर व्यापारी के गोदाम और आवास में हुए अग्निकांड में दो बच्चों की मौत के बाद हुए बवाल के मामले में पुलिस ने बुधवार को तड़के आठ लोगों को घर से उठा लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में गुस्सा भड़क गया। बसपा, भाजपा के साथ-साथ व्यापारी, अधिवक्ता एवं क्षत्रिय समाज के लोग सड़क पर उतर आए। लोगों ने कोतवाली का घिराव कर लिया। लोगों की मांग थी कि हिरासत में लिए गए लोग निर्दोष हैं इनको छोड़ा जाए। कोतवाल से लोगों की खूब नोकझोंक भी हुई। मामला बढ़ता देख एएसपी और अन्य थानों का फोर्स और पीएसी पहुंच गई। पुलिस ने हिरासत में लिए आठाें लोगों को मुचलके पर छोड़ा, तभी भीड़ थाने से हटी।
तड़के करीब चार बजे नगर पुलिस ने आकाश निवासी एमपीनगर ,रघुराज निवासी विजय नगर,शंकर निवासी नगला पोता , नीशू निवासी सब्जी मंडी ,रज्जन निवासी घंटाघर, रोहित, मोहित सोलंकी निवासी कचहरी रोड और एक अन्य को घर से उठा लिया। इन लोगों को बवाल और उपद्रव के मामले में उठाया था। यह जानकारी होते ही क्षत्रिय समाज , व्यापारी संगठन, बसपा नेता के साथ-साथ कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सुबह करीब आठ बजे थाने पर पहुंच गए। लोगों ने कोतवाली नगर का घिराव कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इनका आरोप था कि पुलिस ने निर्दोषों को उठा लिया है। देखते ही देखते ही काफी संख्या में लोग थाने के अंदर घुस गए। इस दौरान बसपा नेता की एसएचओ सौबीर सिंह सारन से नोकझोंक हो गई। मामला बढ़ता देख एएसपी विसर्जन सिंह यादव ,पीएसी अन्य थानों का फोस पहुंचा ,लोगों को समझाया। करीब एक घंटे तक हुए हंगामा के बाद पुलिस ने हिरासत मेें लिए आठों लोगों को थाने से ही मुुुुचलका भरके छोड़ दिया है।
इस दौरान बसपा नेता गजेंद्र सिंह चौहान , जहीर अहमद ,जिलाध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ प्रजापालन वर्मा ,बार अध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा , महासचिव रेशपाल सिंह राठौर , बल्देव सिंह राठौर , सुनील सोलंकी सहित अनेक लोग मौजूद रहे। एसएचओ का कहना है अग्निकांड मामले में आठ लोगों को उठाया था बाद में मुचलका पर छोड़ दिया गया है।