सर्राफा एसोसिएशन ने मंगलवार को नगर के कम्यूनिटी हॉल में अखिल भारतीय कवियत्री सम्मेलन का आयोजन किया। कई जिलों से आई कवियित्री ने अपनी हास्य, व्यंग श्रृंगार और वीर रस की कविताओं से समां बांधा।
एडीएम बाल मंयक मिश्र, सीओ सिटी शबीह हैदर, पालिकाध्यक्ष रूप किशोर कुशवाह ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आगरा की कवियत्री चेतना शर्मा ने जगत जननी मां तुमको नवाये शीश, खुश रहो ऐसा वरदान दो सरस्वती वंदना पढ़ी।
गाजियाबाद की योगिता चौहान ने मुस्कराकर आग दिल में क्यों लगा दी आपने, सोई हुई थी चाहतें क्यूं जगा दी आपने सुनाया। वाराणसी से प्रियंका राय ने जो लड़ते देश की खातिर उन्हें नमन मेरा, मेरी धड़कन में धड़कता है वतन मेरा सुनाया। बदायूं से वेद ऋचा ने तेरे गम के दिए जगमगाते रहे, रात भर हम दीपावली मनाते रहे, शायरी बन गया जिंदगी का सफर, हम गजल की तरह गुनगुनाते रहे सुनाया।
दिल्ली से आईं मोनिका देहलवी ने याद दे जा आखिरी, तन्हा बनाकर छोड़ दे, गैर मत होना मुझे अपना बनाकर छोड़ दे सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी। दिल्ली से श्वेता सरगम ने है पराया वो धन पर वो लगती नहीं, कोई बेटी पिता को खटकती नहीं सुनाकर बेटियों के जीवन में महत्व को पंक्तियों के जरिए बताया। जयपुर के वरुण चतुर्वेदी ने विनाशक हो गए इंसान दुनिया डूब जाएगी, ये हथियारों की पैदाइश कभी तो गुल खिलाएगी सुनाया।
सम्मेलन में जिला अध्यक्ष अनुरूद पल्तानी, दीपक गुप्ता, योगेश गौड़, प्रदीप हिना, प्रदीप गुप्ता, गुंजन अग्रवाल, अमित गौड़, ने अतिथियों को शॉल उढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में राजेश्वर प्रसाद, गिरीश, सत्यप्रकाश, सुधीर माहेश्वरी, राहुल बिड़ला, प्रदीप साहू, पूरन राना, अमित राठौर, सुभाष माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।