एटा। रंगशाला में विवाद के दौरान गोली मारने की रिपोर्ट करीब 6 साल पहले थाना जसरथपुर में दर्ज कराई गई। अदालत में सुनवाई के दौरान कई गवाह पक्षद्रोही हो गए। ऐसे में आरोपी को दोषमुक्त करार दे दिया गया। वहीं, आरोपों से मुकरने पर वादी के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा।
नगला जई निवासी अवनीश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि 17 फरवरी की रात एक रंगशाला गांव में आई। भाई सबनीश कुमार और चचेरा भाई ओवेंद्र इसे देखने के लिए गए। उसी समय गांव हरिसिंहपुर के सोनू सहित चार लोग गालीगलौज करने लगे। मना करने पर जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर कर दिया। गोली सबनीश के पैर में लगी। आरोपी फायरिंग करते हुए भाग गए। पुलिस ने विवेचना के बाद केवल सोनू को ही आरोपी पाया और आरोप पत्र अदालत में भेज दिया।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 4 गवाह पेश किए गए। मुकदमे के वादी अवनीश ने बताया कि काफी भीड़ होने के कारण वह गोली मारने वाले व्यक्ति को नहीं पहचान सका। गांव वालों के कहने पर रिपोर्ट दर्ज कराई। यहां तक कि घायल सबनीश भी इस बात से मुकर गया कि उसने गोली चलाने वाले को देखा। बताया कि भीड़ में से किसी ने फायर किया था। आरोपियों के नाम को लेकर पहचान से साफ मना कर दिया। अन्य दो गवाह ओवेंद्र और ओवेश ने भी पहचान से इन्कार कर दिया। इन सभी को पक्षद्रोही घोषित कर दिया गया। पुलिस और चिकित्सक के बयान भी औपचारिक मिले।
इस पर त्वरित न्यायालय द्वितीय सुधा ने सोनू को दोषमुक्त करने का आदेश दिया है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि वादी अवनीश कुमार ने असत्य व मिथ्या साक्ष्य दिया है। इसके लिए उसके विरुद्ध अलग से प्रकीर्ण वाद दर्ज कर विचार किया जाए।