एटा। एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) द्वारा जीटी रोड पर तीन बाईपास का निर्माण कराया गया है। जिसमें पिलुआ और मलावन के साथ शहर के लिए बाईपास बनाया गया। इससे जिले का विकास हुआ है, लेकिन कस्बा पिलुआ के लिए इसने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दुकानदार से लेकर स्थानीय बाशिंदे परेशान हैं।
पिलुआ पर एक तरफ बाईपास से नीचे उतरने के बाद लोगों को कस्बे में आने के लिए दो किलोमीटर चलना पड़ता है। जिससे लोगों को रात में आने जाने में काफी परेशानी होती है। वहीं दूसरी ओर बाईपास से वाहन गुजरने की वजह से यहां का स्थानीय बाजार ठंडा पड़ गया है। दुकानदार पूरे दिन हाथ पर हाथ रखे बैठे रहते हैं। दोपहर में आसपास के गांव के ही ग्राहक खरीदारी के लिए आते हैं। बाईपास से पहले यहां पर दिन भर बाजार में जाम की स्थिति रहती थी, लेकिन अब सन्नाटा पसरा रहता है।
बड़ागांव अंडरपास पर सीढ़ियां बनाने की मांग
पिलुआ कस्बा के स्थानीय लोगों का कहना है कि कि बड़ागांव अंडरपास पर लोगों को दो किलोमीटर तक पैदल चलकर कस्बा में आना पड़ता है। उनकी मांग है कि अगर अंडरपास से बाईपास पर चढ़ने के लिए सीढ़ियों का निर्माण हो जाए तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। इससे लोग सीधे कस्बा और बाजार में आ-जा सकेंगे।