भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वदेश दर्शन योजना में रामायणकालीन सर्किट के अंतर्गत उत्तर भारत की प्रसिद्ध तीर्थनगरी सोरों शूकरक्षेत्र को शामिल किया गया है।
परिवहन राज्यमंत्री मानपाल सिंह ने साहित्यकार डा. राधाकृष्ण दीक्षित के आवास पर बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि इसे प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर लाया जा रहा है। इसके अंतर्गत तीर्थनगरी में तेजी से विकास कार्य कराये जाएंगे। पर्यटन को विकास कार्यों की योजना बनाकर प्रदेश के प्रमुख सचिव के माध्यम से शीघ्र भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश शासन द्वारा गंगाजी हरि की पौड़ी के सुंदरीकरण हेतु 49 लाख रुपया स्वीकृत किया गया है। इसमें से 30 लाख अवमुक्त किया गया है। जिनसे घाटों पर दो शैड निर्माण, महिलाओं को कपड़े बदलने के लिए वस्त्र कक्ष, घाटों पर लोहे की रेलिंग लगेगी। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग का निर्माण भी होगा। डा. राधाकृष्ण दीक्षित ने तीर्थनगरी के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पौराणिक ग्रंथों के अनुसार भगवान राम ने तीर्थनगरी सोरों में आकर अपने पितरों की आत्मशांति के लिए तर्पण किया था। भगवान बुद्ध, स्वामी दयानंद सरस्वती, चैतन्य महाप्रभु आदि अनेकों महापुरूषों ने यहां आकर तीर्थाटन किया था।
इस मौके पर डा.प्रभाकर पाराशरी, डा. सुरेन्द्र अग्रवाल, उमेश पाठक, ओमशिव मिश्र, उपेंद्र कुमार मिश्र, भूपेश शर्मा, दीपक पाराशर मौजूद रहे।