सोरों के एक नेत्रहीन ने मिशाल पेश करते हुए विकलांग पेंशन ठुकरा दी। साथ ही जिलाधिकारी से कहा कि उसे पेंशन नहीं, रोजगार चाहिए। वह मेहनत की रोटी खाना चाहता है। लिहाजा अगर उसकी मदद करनी ही है तो रोजगार उपलब्ध कराने में उसकी मदद करें। जिलाधिकारी उसका हौसला देख प्रभावित हो गए और उन्होंने नेत्रहीन को रोजगार उपलब्ध कराने में हर संभव मदद का भरोसा भी दिया।
मोहम्मद साजिद(28) निवासी मोहल्ला योग मार्ग सोरों दोपहर के समय जिलाधिकारी विजयेन्द्र पाण्डियन के कार्यालय में पहुंचा। उसने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए रोजगार की मांग की। उसने जिलाधिकारी से कहा कि साहब पेंशन से जिल्लत महसूस होती है। मुझे पेंशन नहीं, रोजगार चाहिए। पेंशन की जगह कोई दुकान आदि का आवंटन हो या कोई अन्य रोजगार सुलभ हो तो मदद की जाए। मुझे मेहनत कर खानी है। साजिद की खुद्दारी देख जिलाधिकारी भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके। उन्होंने मोहम्मद साजिद को रोजगार से संबंधित हर सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिया।
गौरतलब हो कि जिलाधिकारी कार्यालय में प्रतिदिन ही बड़ी संख्या में लोग विकलांग, विधवा, समाजवादी पेंशन आदि की मांग को लेकर पहुंचते हैं, लेकिन ऐसी खुद्दारी के साथ रोजगार की मांग करने वाले कम ही पहुंचते हैं, जिनका ध्येय पेंशन नहीं होता।