एटा। दिसंबर की शुरूआत से ही सर्दी पड़ने लगी है। यह एलर्जी और अस्थमा के मरीजों को परेशान कर रही है। उनकी सांस फूलने लगी है। चिकित्सक इलाज के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। इसके अलावा सीने में दर्द के मरीज भी बड़ी संख्या में इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक पहुंच रहे हैं।
सर्दी में थोड़ी सी अनदेखी का असर सेहत पर पड़ रहा है। सर्द हवा नाक से होकर अंदर जाने से अस्थमा के पुराने मरीजों की दिक्कत बढ़ जाती है। वहीं, एलर्जी के मरीज परेशान हो जाते हैं। इसके अलावा सर्दी, जुकाम की चपेट में लोग आ जाते हैं। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में चेस्ट विभाग में तीन-चार दिनों में मरीजों की भीड़ एकदम से बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को सांस फूलने वाले कई मरीजों को लेकर तीमारदार पहुंचे।
मरीजों को खड़ा होने में परेशानी रही। जबकि सर्दी, छींक, आंख से पानी आने की समस्या लेकर भी लोग इलाज कराने पहुंचे थे। विभाग के अध्यक्ष डॉ. संतोष ने बताया कि ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं। सांस फूलने के रोगी अधिक रहते हैं। बृहस्पतिवार को 135 के लगभग सांस व अस्थमा से पीड़ित मरीज रहे। इसके अलावा इमरजेंसी में बीते 24 घंटे में 7 मरीज सीने में दर्द की शिकायत के पहुंचे। बृहस्पतिवार को ईसीजी की जांच कराने के लिए ओपीडी में 32 मरीज पहुंचे।
हृदयाघात से 6 लोगों की हो चुकी है मौत
दिसंबर माह की बात करें तो अब तक इस माह में हृदयाघात से 6 लोगों की मौत दर्ज हो चुकी है। इसमें एक आरक्षी टूथब्रुश करते समय गिर गया था। उसे हृदय का दौरा बताया गया था। वहीं महिला की मौत झाड़ू लगाते समय हुई थी। इसे भी हृदयाघात ही बताया गया था।
बचाव के उपाय और बरतें सावधानी
- ऊनी कपड़े पहनें और शरीर को ढककर रखें, गर्म कैप का प्रयोग करें।
- मौसम को देखते हुए सुबह टहलने न निकलें।
- सीने में दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा का सेवन न करें।
- सीने में बायीं ओर होने वाले दर्द को नजर अंदाज न करें।
- चिकनाई वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- हरी पत्तेदार सब्जियों का प्रयोग करें।
- देर रात तक न जागें और पर्याप्त नींद लें।
- सुबह के समय हल्का व्यायाम करें।