उत्तर प्रदेश के एटा में आई फ्लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते लोग चिंतित और परेशान हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सकीट पर दवा लेने के लिए मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ रही है। डॉक्टर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रयास तो किया जा रहा है लेकिन आई फ्लू थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीएचसी, पीचसी पर सबसे ज्यादा आई फ्लू के मरीज देखने को मिल रहे है। जबकि निजी चिकित्सकों के यहां भी तमाम मरीज पहुंच रहे हैं। ज्यादातर लोग आंखों पर चश्मा लगाए दिखाई दे रहे हैं।
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मलावन पीएचसी के फार्मासिस्ट चंद्रवीर सिंह ने बताया कि पीएचसी पर ओपीडी में करीब 150 मरीज देखे जा रहे है। इसमें 100 मरीज आई फ्लू वाले ही होते हैं। इन्हें आई ड्रॉप और एंटीबायटिक दवाएं दी जा रही हैं। वहीं सकीट सीएचसी के एमओआईसी डॉ. गौरव यादव ने बताया कि आई फ्लू मरीजों की बढ़ती संख्या को देख साफ है कि लोग सावधानियां नहीं बरत रहे हैं।
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यह एक ऐसा संक्रमण है जो एक दूसरे के संपर्क से फैल रहा है। बताया कि आई फ्लू पीड़ित से अन्य लोग दूरी बनाकर रखे। आंखों को ठंडे पानी से धोएं। चिकित्सक के परामर्श पर आई ड्रॉप व दवा का नियमित रूप से प्रयोग करें। आंखों पर चश्मा लगाए रखें। जिससे खुद भी सुरक्षित रहे और सामने वाले को भी सुरक्षित रख सकें।