एटा। मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी लैब में कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं। नमूने लेने के बाद उनकी जांच नहीं हो रही जिससे रिपोर्ट में देरी होती है। इस कारण उपचार न मिलने से एक मरीज की मौत भी हो चुकी है। मरीज का टीबी की जांच के लिए नमूना लिया गया था लेकिन जांच में लापरवाही दिखाई गई। कर्मचारी नमूना खोने, सूखने या मशीन खराब होने के बहाने बनाते हैं। इससे मरीजों को सही उपचार नहीं मिल पा रहा है।
केसः1- दो बार लिया नमूना, फिर भी नहीं दी रिपोर्ट
ऊषा देवी 23 फरवरी को मेडिकल कॉलेज में शुगर और उच्च रक्तचाप की दवा लेने के लिए आई थीं। 24 फरवरी को खून की जांच के लिए नमूना लिया गया। अगले दिन रिपोर्ट मांगने पर नमूना खोने और दोबारा से रक्त देने को कहा गया। इसके बाद जब वापस रिपोर्ट लेने परिजन पहुंचे तो मशीन खराब होने का बहाना लगा दिया। इसके बाद फिर से जांच के लिए खून देने की कहा।
केसः 2- नहीं हो सकी जांच, मरीज ने तोड़ दिया दम
आरती यादव 5 फरवरी को पेट की समस्या लेकर आई थीं। उन्हें पांच दिन तक मेडिकल कॉलेज के सामान्य वार्ड में भर्ती रखा गया। इस दौरान उनका क्षय रोग की जांच के लिए नमूना लिया गया। दो दिन बीतने के बाद भी रिपोर्ट न मिलने पर परिजन ने रिपोर्ट मांगी तो कर्मचारियों ने मशीन खराब होना बताया। उपचार के अभाव में 20 फरवरी को आरती की माैत हो गई।
वर्जन
मेडिकल कॉलेज के पैथॉलोजी लैब में नमूनों की ठीक से जांच नहीं हो रही है। कर्मचारियों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। इस मामले की जांच की जाएगी और दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी। - डॉ. सुरेश चंद्रा, सीएमएस