एटा। मेडिकल कॉलेज में बाहरियों (अनधिकृत) लोगों की आवाजाही की लगातार बनी हुई है। इससे मरीजों, तीमारदारों को समस्या उठानी पड़ती हैं। इसके समाधान के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पास व्यवस्था का खाका खींचा है। मरीज और तीमारदारों को पास जारी कर अन्य अनधिकृत लोगों को प्रवेश से रोका जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में लगातार नई-नई सुविधाएं, सेवाएं शुरू की जा रहीं हैं। चिकित्सक भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में मरीजों का आंकड़ा भी ऊपर जा रहा है। वार्डों में मरीजों और तीमारदारों की संख्या बढ़ने के साथ ही कुछ अवांछनीय लोग भी आ जाते हैं, जो मरीजों को जांच, इलाज आदि की अनावश्यक राय देते हैं। यहां तक कि चोरी की घटनाओं को अंजाम भी दिया जा रहा है। इसके अलावा कुछ मरीजों के साथ तीन-चार या इससे भी ज्यादा तीमारदार आ जाते हैं, जिससे भीड़भाड़ हो जाती है। इन सब अव्यवस्थाओं पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन लगाम कसने जा रहा है।
प्राचार्य रजनी पटेल ने बताया कि अस्पताल परिसर में भीड़ को नियंत्रित किया जाना जरूरी है। इसके लिए पास व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। एक पास मरीज को दिया जाएगा और एक उसके तीमारदार को। एक मरीज के साथ एक ही तीमारदार अंदर रह सकेगा। बिना पास वालों को वार्डों में प्रवेश नहीं मिलेगा।