एटा। आसपास के जिलों में आए दिन ट्रैक्टर-ट्राॅली से हादसे होने की सूचना आती रहती हैं। इसके बाद भी पुलिस प्रशासन सतर्क नजर नहीं आ रहा। इसके चलते ट्रैक्टर-ट्रॉली में लगातार सवारी ढोई जा रहीं हैं। यह लापरवाही कभी भी जान पर भारी पड़ सकती है।
पिछले दिनों एक ट्रैक्टर-ट्राॅली में बैठकर थाना जैथरा के गांव कसा के लोग एक मुंडन संस्कार के लिए गंगा घाट जा रहे थे। तभी रास्ते में दरियावगंज के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे तालाब मेंं पलट गया। जिससे उसमें सवार लगभग 24 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं शनिवार को मैनपुरी जिले के भोगांव थाना क्षेत्र में द्वारिकापुर गांव के पास ट्रक ने पीछे से ट्रैक्टर ट्राॅली में टक्कर मार दी। जिसके चलते इसमें बैठी चार महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं इस हादसे में 25 से अधिक लोग घायल हो गए।
इस प्रकार की घटनाएं होने के बाद भी जिले में कोई ऐसा अभियान नहीं चलाया जा रहा है। जिससे कि ट्रैक्टर चालक व उसमें बैठने वाले लोगों को समझाया जा सके। रविवार को भी शहर के बीचोंबीच से तेज रफ्तार से ट्रैक्टर-ट्राॅली जा रही थी। जिनमें कई लोग बैठे हुए थे। हर तिराहे-चौराहे पर यातायात पुलिस तैनात थी। इसके बाद भी ट्रैक्टर-ट्रॉली को कहीं नहीं रोका जा रहा था।
वर्जन-
हमारी ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार से ट्रैक्टर ट्राॅली में बैठकर जाने वालों को समझाया जाता है। उनको अन्य वाहनों से यात्रा करने को कहा जाता है। फिलहाल चुनाव की वजह से फोर्स की कमी है। जनता को जागरूक करने के लिए स्कूली छात्र-छात्राओं के सहयोग से यातायात जागरुकता अभियान सोमवार से चलाया जाएगा। -अनिल कुमार, यातायात प्रभारी