जलेसर,एटा। नगर पालिका परिषद जलेसर के सीमा विस्तार की 20 वर्ष पुरानी मांग के बावजूद इसे सरकार द्वारा कोई महत्व न दिए जाने से नगर वासियों में रोष है। नगर वासियों ने जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ शासन प्रशासन से कहा है कि नगर की सीमा इतनी बढ़ गई है कि ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि पर भी नगर का बाजार सजने लगा है। ऐसे में सीमा विस्तार न कर सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है।
भाजपा नेता दिनेश बंसल ने बताया कि नगर क्षेत्र की सीमा से बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में भी नगर का बाजार पहुंच चुका है। सीमा बढ़ाए जाने के लिए आज से 20 वर्ष पूर्व तत्कालीन पालिकाध्यक्ष कृष्णपाल गोपाल वार्ष्णेय द्वारा बोर्ड से प्रस्ताव पास कराया गया था। इसमें जलेसर पालिका की सीमा में शहर से तीन किलोमीटर के क्षेत्र में आने वाले गांव को शामिल करने की मांग की गई थी। इस प्रस्ताव पर अभी तक प्रदेश सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया है, जबकि प्रदेश की दर्जनों नगर पालिका एवं टाउन एरिया में क्षेत्र बढ़ाए जाने का प्रस्ताव पास भी किया गया है।
नगर वासियों का कहना है कि जलेसर का क्षेत्रफल बढ़ जाएगा तो नगर नगर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आगरा रोड पर स्थित महाराणा प्रताप चौक जलेसर के मुख्य बाजार में गिना जाता है, लेकिन उसकी भूमि जलेसर देहात एवं ग्राम साल बहानपुर की सीमा में आती है। इसी प्रकार निधौलीकलां चौराहा, तोप चौराहा आदि क्षेत्र भी ग्रामीण पंचायतों के अधीन हैं। नगर पालिका की सीमा बढ़ाने की मांग करने वालों में बीएल कुशवाहा, वीरेंद्र गुप्ता, अशोक शर्मा, सुग्रीव सिंह, अनेक सिंह, संजीव वर्मा, विजय गर्ग, जयशंकर गौड़ आदि शामिल रहे।