पालिका परिषद की बोर्ड बैठक सभासदों के विरोध के चलते स्थगित की गई। बैठक के बाद सभासदों के हस्ताक्षर कराने के विरोध में सभासदों ने बोर्ड मीटिंग का रजिस्टर छीन लिया। तहसील मुख्यालय पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
पालिका बोर्ड बैठक दोपहर 12 बजे पालिका भवन में हुई।
भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाते हुए 17 सभासदों ने बोर्ड बैठक की कार्रवाई की फोटो कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की। कापी उपलब्ध नहीं कराने पर बोर्ड बैठक जारी रखने के निर्देश पालिकाध्यक्ष के देने जाने पर सभासद भड़क गए और नारेबाजी की। बैठक निरस्त करने के लिए अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन दिया। लेकिन उन्होंने ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया और बोर्ड बैठक की कार्यवाही लिखने लगे। तभी सभासदों ने हंगामा काटा और प्रोसीडिंग बुक को जबरदस्ती छीनकर कोतवाली ले गए। जहां कोतवाली प्रभारी को सौंपने का प्रयास किया। उनके मना करने पर सभासद रजिस्टर एसडीएम संदीप गुप्ता को सौंपा। वहीं रजिस्टर छीन कर ले जाने के चलते पालिका प्रशासन के द्वारा सभासदों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्राथमिकी भी तैयार करा ली थी। लेकिन दर्ज नहीं हो सकी। इस दौरान पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह, अधिशासी अधिकारी आशीष ओझा, हरिनरायन चौहान, रजपाल सिंह, सभासद शैलेंद्र सुमन आदि मौजूद थे।