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पांच सौ, एक हजार के नोटों का चलन बंद, हर तरफ हड़कंप

Tue, 08 Nov 2016 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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पेट्रोल पंप पर भीड़ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मोदी सरकार द्वारा रात बारह बजे से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले से लोग सोमवार देर शाम उसी प्रकार हैरत में पड़े गए, जैसे पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक से लोग हैरत में थे। सोमवार शाम जैसे ही मोदी सरकार का फैसला सामने आया नगर के बाजार में हड़कंप मच गया। मेडिकल स्टोर संचालक से लेकर होटल, ढाबे और पेट्रोल पंप पर बड़े नोट लेकर पहुंचे ग्राहकों को मायूस होकर लौटना पड़ा।  
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सोमवार रात आठ बजे समाचार चैनलों पर जैसे ही 500 और 1000 रुपये के नोट रात बारह बजे से बंद करने की खबर चली वैसे ही बाजार में हलचल शुरू हो गई। हालांकि ज्यादातर बाजार बंद हो चुका था, लेकिन होटल, ढाबे, सेलफोन रिचार्ज कूपन, पेट्रोल पंप संचालकों ने खबर मिलते ही ग्राहकों से बड़े नोट लेने बंद कर दिए। व्यापारी और कारोबारी मोदी सरकार के फैसले को ब्लैक मनी पर सर्जिकल स्ट्राइक बताते हुए नोट बदलने के लिए कुछ और समय देने की चर्चा करते दिखाई दिए। वहंीं खुदरा कारोबारी फैसले से सबसे ज्यादा नाखुश दिखे। व्यापारी बोले यदि सरकार ने बैंक में नोट बदलने के एवज में कुछ और शर्तें लगाई तो यह फैसला आगामी विधानसभा चुनाव में भारी पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि शादी का सीजन शुरू होने वाला है और ऐसे में अचानक आए मोदी सरकार के फैसले से वर-वधू दोनो पक्षों को परेशानी होगी। लोग उन बड़े कारोबारियों पर चर्चा करते दिखाई दिए, जिनके यहां रोजाना लाखों रुपये कैश में लेनदेन होता है। कुछ लोग बोले अब बैंक में रुपये बदलने जाने वाले लोगों के  लिए पुलिस को और सतर्कता बरतनी होगी। वर्ना किसी के साथ वारदात हो सकती है
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कहते हैं व्यापारी और विशेषज्ञ
मोदी सरकार का फैसला गलत है। अचानक फैसले से बाजार में परेशानी होगी। सरकार को फैसला लागू करने से पहले वक्त देना चाहिए था। 100 के नोट की आपूर्ति मार्केट में नहीं है, ऐसे में बुधवार को लेनदेन में दिक्कत होगी।
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डेविड जैन, नगर मंत्री, व्यापार मंडल
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सरकार का फैसला सही है। काले धन पर रोक लगेगी। कालाधन देश में लोगों ने जमा कर रखा है वो सामने आएगा। पहले बताते तो कालाधन सफेद करने का जुगाड़ निकाल लेते।
दिनेश वार्ष्णेय, उद्योगपति
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सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है। निर्णय से काले धन की पोल खुलेगी। यह क्रांतिकारी फैसला है। शुरू में परिणाम नकारात्मक भले हों, लेकिन भविष्य के लिए अच्छा फैसला है।
प्रतीक आमोरिया, चार्टेड एकाउंटेंट
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सरकार ने फैसले को लागू करने में समय भले ही कम दिया हो, लेकिन अच्छी कोशिश है। व्यापारियों के लिए पैसा बदलने जाना आसान होगा। लोगों को भी लेनदेन में सहूलियत होगी।
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डा. मोहन वार्ष्णेय, प्रोफेसर कामर्स
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