बजट नहीं मिलने से नगर पालिका ठेकेदारों की कर्जदार बनी है। करीब सात करोड़ रुपये का भुगतान ठेकेदारों को नहीं हो सका है। इससे परेशान ठेकेदारों ने निर्माण कार्य ठप कर दिया है। वहीं पूर्व में हुए टेंडर के निर्माण कार्यों में भी मानक की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। इसके कारण पहली ही बारिश में कई सड़कें बह गई।
नगर पालिका परिषद को बजट न मिलने शहर के सारे विकास कार्यों पर विराम लगा दिया है। वहीं जहां विकास कार्य हुए भी हैं, वहां गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा। यही कारण है कि दो माह पूर्व बनी मेहता पार्क रोड, ठंडी सड़क पहली बारिश में ही बह गई। दोनों सड़कों पर तमाम गड्ढे हो चुके हैं। मेहता पार्क रोड ही नहीं शहर में रेलवे रोड, कैलाशगंज रोड आदि का भी यही हाल है। शिकायतों पर पालिका के अफसर बजट का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं। बताते हैं कि छह महीनों से ठेकेदारों के पेमेंट न हुए हैं। पालिका पर ठेकेदारों का करीब सात करोड़ रुपया बकाया है। पालिका कर्मियों के मुताबिक जून माह में पालिका को 2.18 रुपये की आय हुई, जबकि खर्च 3.52 करोड़ से भी ज्यादा हुआ है। ऐसे में पालिका लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के घाटे में है। स्थिति यह हो चली है कि पालिका को अब अपने प्रतिदिन के खर्च करों से होने वाली आय से चलाने पड़ रहे हैं।
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गले की फांस बना ड्रेनेज, सीवरेज सिस्टम
नगर पालिका के लिए ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम आफत बन गया है। पालिका को सीवरेज प्लांट में करीब 20 फीसदी हिस्सेदारी देनी है। वहीं ड्रेनेज सिस्टम के लिए भी डीपीआर तैयार करानी है। बजट के अभाव में पालिका कुछ नहीं कर पा रही है।
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शासन से निर्माण कार्यों के भुगतान को बजट मांगा गया है। मिलते ही ठेकेदारों का भुगतान होगा। नगर के विकास कार्यों के लिए पहल जारी है।
संतराम सरोज, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका एटा