शहर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौराहे के पास बहुमंजिला होटल। संवाद
एटा। जीटी रोड और भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़े बहुमंजिला होटलों में मानकों की अनदेखी की जा रही है। इन होटलों पर आपात स्थिति में बचाव के इंतजाम नहीं है।
जिलेभर में 40 से अधिक होटल और कमर्शियल भवन बिना फायर एनओसी के यह चल रहे हैं। केवल चुनिंदा होटलों पर ही एनओसी है। दिल्ली में होटल में अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद यहां भी सबक लेने की जरूरत है। एटा में भी कभी बड़ा हादसा हो सकता है।
दिल्ली में होटल में अग्निकांड के बाद उसके अवैध रूप से संचालन की बात सामने आई है। यही स्थिति एटा की है। यहां भी पांच-छह मंजिला होटल बना दिए गए हैं। सुरक्षा के इंतजामों की कोई परवाह नहीं की गई है।
तीन ओर से आबादी से घिरे इन होटलों में प्रवेश करने और बाहर निकलने के एक ही द्वार है। आपातस्थिति के लिए कोई द्वार नहीं बनाया गया है। इतना ही नहीं जिलेभर में 40 से अधिक होटल ऐसे हैं जिन्होंने फायर विभाग से एनओसी नहीं ली है।