एटा। आंधी ने विद्युत विभाग को बड़ा झटका दिया है। बृहस्पतिवार की शाम को तेज आंधी के कारण जिलेभर में 200 से अधिक विद्युत पोल टूटे हैं। करीब 250 गांव अंधेरे में डूब गए। बारिश के बाद विद्युतकर्मी बचाव कार्य में जुट गए। कुछ फीडरों को रात में ही चालू कर दिया गया। शेष को शुक्रवार की दोपहर तक सुचारु किया जा सका।
आधा घंटे की धूलभरी तेज आंधी ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया। शहर से लेकर देहात तक विद्युत व्यवस्था ठप हो गई। कई जगह हाईटेंशन लाइनों पर पेड़ गिरने से सप्लाई बाधित हुई। शहर के अरुणा नगर, शृंगार नगर, संतोष नगर, जीटी रोड, कागसंज रोड, कचहरी रोड, आगरा रोड, ठंडी सड़क समेत कई इलाकों में देर रात तक अंधेरा पसरा रहा। रात करीब 12 बजे तक सप्लाई सुचारू हो सकी।
पिलुआ फीडर के करीब 30 गांवों में सप्लाई शुक्रवार की दोपहर तीन बजे तक बंद रही। इसका सप्लाई करीब 21 घंटे बाद शुक्रवार दोपहर को तीन बजे चालू की जा सकी। सकीट रोड पर 11 केवीए का ट्रांसफार्मर धड़ाम हो गया। 200 से अधिक पोल टूटने से विभाग को लाखों की क्षति हुई है। अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद ने बताया कि आंधी से 200 से अधिक पोल टूटे हैं। रात में ज्यादातर जगहों पर सप्लाई शुरू कर दी गई थी। पिलुआ में सप्लाई दोपहर बाद शुरू हो सकी। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
बिजली के 25 खंभे और 20 ट्रांसफाॅर्मर क्षतिग्रस्त
राजा का रामपुर। बृहस्पतिवार की शाम को बारिश के साथ आए तूफान में बिजली के 25 खंभे और 20 ट्रांसफाॅर्मर क्षतिग्रस्त हो गए। गढ़िया लुहारी गांव में तेज आंधी से बिजली के तीन खंभे और एक ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गया। जिससे पांच गांव की बिजली आपूर्ति ठप है। खंभे और ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होने से पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित है। सुबह से अधिकारी कर्मचारी खंभे लगाने और लाइन डालने का काम कर रहे हैं। युद्धस्तर पर काम होने पर भी शुक्रवार की रात को भी आपूर्ति शुरु होने की संभावना कम है।
बिजली के 10 खंभे, एक ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त, 50 पेड़ टूटे
मिरहची। तेज आंधी-बारिश में बिजली के दस खंभे और एक ट्रांसफाॅर्मर क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के अधिकांश गांव की बिजली आपूर्ति बाधित है। तेज आंधी में 50 पेड़ के टूटने से बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। 24 घंटे का समय बीतने पर भी बिजली आपूर्ति न मिलने से लोग बेहाल हैं। पानी के साथ ही मोबाइल फोन बंद होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। एसडीओ विजय गुप्ता ने कहा कर्मचारियों की टीम रात से सक्रिय होकर काम कर रही है। कर्मचारियों को पहले टूटे पेड़ हटाने पड़ रहे हैं, उसके बाद बिजली की लाइन पर काम हो पा रहा है।
अलीगंज में 20 खंभे टूटने से करीब 50 गांवों की आपूर्ति ठप
अलीगंज। बृहस्पतिवार की शाम को तेज आंधी-बारिश आने पर बिजली के 20 खंभे टूट गए। बिजली के खंभे टूटने से तार जमीन पर बिखर गए। इससे अमोघपुर भाटान, अलीगंज देहात और सरौंठ फीडर क्षेत्र के करीब 50 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शुक्रवार को तड़के कर्मचारियों के आकलन किए जाने पर सबसे अधिक नुकसान अमोघपुर भाटान, अलीगंज देहात और सरौंठ फीडर क्षेत्र में हुआ है। इन तीनों फीडर क्षेत्र से जुड़े दहलई, जाजलपुर, अंगरैया, दाऊदगंज, सरौंठ, नगला उम्मेद, नया नगरा, भरपुरा, गढ़िया समेत 50 गांव की बिजली आपूर्ति तूफान के समय से बंद है। करीब 20 खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति बंद है, सुबह से कर्मचारी लाइन दुरस्त करने और बिजली के खंभे लगाने में जुटे हुए हैं। संवाद
मोबाइल फोन की बैटरी डाउन होने से लोग परेशान
बिजली आपूर्ति बाधित होने पर लोगों के मोबाइल फोन की बैटरी डिस्चार्ज होने से बंद होने लगे हैं। इससे आपस में कनेक्टिविटी टूटने से परेशान हैं। बिजली न होने पर लोगों को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो रहा है।
सुबह होने से पहले ही सभी कर्मचारी फील्ड में आकर टूटे खंभे बदलने, क्षतिग्रस्त ट्रांसफॉर्मर सही कराने और लाइन को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। तूफान थमने पर रात में ही नुकसान का आकलन कर सुबह होने से पहले काम शुरु कर दिया गया। लोग धैर्य रखें कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। तूफान से विद्युत निगम का बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। अमोघपुर भाटान, अलीगंज देहात, सरौंठ फीडर में बड़ा नुकसान है। -अतुल कुमार, एसडीओ विद्युत निगम
मिरहची में आंधी की वजह से टूटे बिजली के पोल को ठीक करते विद्युतकर्मी। संवाद
मिरहची में आंधी की वजह से टूटे बिजली के पोल को ठीक करते विद्युतकर्मी। संवाद