एटा। 30 जुलाई सकरौली क्षेत्र के गांव बारा समसपुर में दो पक्षों में विवाद में गंभीर रूप से घायल युवक की शनिवार को आगरा में उपचार के दौरान मौत हो गई। आगरा में पोस्टमार्टम के बाद गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने शनिवार को जलेसर सकरौली रोड स्थित बारा समसपुर गांव के पास शव रोड पर रखकर जाम लगा दिया। गांव के लोग पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने का विरोध कर रहे थे। चार घंटे जाम से वाहनों की कतार लग गई।
गांव सैफुद्दीनपुर उर्फ चंद्रभानपुर थाना बरहन जिला आगरा निवासी वीरेंद्र ने बताया कि मौसेरा भाई धर्मवीर (30) दोस्तों के साथ 30 जुलाई को घर से शाम छह बजे निकला था। दोस्तों के साथ वह सकरौली थाना क्षेत्र के गांव बारा समसपुर में पहुंचा। यहां ठेके से शराब लेकर पास में ही दुकान पर बैठकर पी रहा था। उसी समय बारा समसपुर के ही कुछ युवक आकर गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि विरोध करने पर युवकों ने धर्मवीर को बेरहमी से पीटा और मरा समझकर छोड़ गए। इसके बाद धर्मवीर को उसके दोस्त उठाकर घर छोड़ आए। सिर में चोट होने के कारण रातभर धर्मवीर के सिर से खून बहता रहा। उसके घर में केवल मां ही रहती हैं दो भाई बाहर नौकरी करते हैं। इसी वजह से किसी ने देखा नहीं तो धर्मवीर की हालत ज्यादा बिगड़ गई। 31 जुलाई को सुबह मां रामवती ने जानकारी दी तो परिजन उसे लेकर निजी क्लीनिक पर पहुंचे। यहां से चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रेफर कर दिया। वहां एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद आगरा में ही शनिवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम हुआ। दोपहर करीब ढाई बजे परिजन शव लेकर बारा समसपुर गांव पर आए और सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। आरोप लगाया कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होगी शव नहीं हटेगा। पुलिस के समझाने व प्राथमिकी दर्ज करने पर करीब चार घंटे बाद शव हटाया, तब कहीं जाम खुला। सीओ जलेसर ज्ञानेंद्र ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि युवक की मौत के मामले थाना सकरौली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। परिजन को समझाकर शव गांव भेजा गया।