अलीगंज। अधिवक्ताओं में तहसीलदार के खिलाफ आक्रोश है। उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाए हैं। बृहस्पतिवार को बार एसोसिएशन की बैठक में तहसीलदार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। राजस्व परिषद को रिपोर्ट भेजे जाने की बात कही गई।
बार एसोसिएशन के सभागार में अध्यक्ष मुनीश्वर दयाल दुबे की अध्यक्षता में बैठक हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता राम तीरथ दीक्षित ने तहसीलदार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव रखा, जिसे सभी सदस्यों ने ध्वनि मत से पारित कर दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि तहसीलदार कार्यों को टालमटोल कर वादकारियों से सीधे संपर्क कर साठगांठ करके काम करते हैं। बीके अवस्थी एडवोकेट ने कहा छोटे से छोटा काम तहसीलदार बिना सुविधा शुल्क के नहीं करते हैं।
रावेंद्र पाल पांडे ने कहा कि तहसीलदार साधारण दाखिल-खारिज भी समय सीमा के अंदर नहीं करते हैं। दाखिल खारिज के मामले काफी संख्या में रुके हुए हैं। बार अध्यक्ष ने कहा कि शुक्रवार को एसडीएम, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार से 7 सदस्य प्रतिनिधिमंडल वार्ता करेगा। अधिकारी बात नहीं मानते हैं तो पूरा लेखा-जोखा निंदा प्रस्ताव के साथ राजस्व परिषद को भेजा जाएगा। बार एसोसिएशन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
बैठक में बलवीर सिंह यादव, अमरनाथ गुप्ता, अमरीश सिंह राठौर, वेद प्रकाश यादव, प्रमोद कुमार सक्सेना, मुकेश सक्सेना, प्रताप सिंह राठौर, पुष्पेंद्र यादव, दिनेश दीक्षित मौजूद रहे। संचालन सचिव महेंद्र सिंह शाक्य ने किया।
तहसील में किसी भी प्रकार की सुविधा शुल्क नहीं ली जाती है। आरोप गलत हैं। मेरे खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है, ऐसी मुझे कोई जानकारी नहीं है।
- राजेश कुमार, तहसीलदार अलीगंज