एटा। जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए ट्रायल फेज में टीकाकरण अभियान की शुरूआत हो चुकी है। तीन महीने चलने वाले इस टीकाकरण कार्यक्रम में कोल्ड चेन वाले स्वास्थ्य केंद्रों पर 15 वर्ष की किशोरियों को टीके लगाए जा रहे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि किशोरियों को केंद्रों तक कैसे लाया जाए। अभी तक सिर्फ दो किशोरियों को ही वैक्सीन लगी है।
15 वर्ष तक की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर का टीका लगाने के लिए स्कूल व कॉलेजों में संपर्क किया जा रहा है। आंगनबाड़ी व एएनएम के जरिये घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) के बढ़ते खतरे को देखते हुए जल्द ही राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन को शामिल किया गया है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राम सिंह ने बताया कि जिले में अभी तक 2 किशोरियों को ही सर्वाइकल कैंसर का टीका लगाया गया है। दोनों ही किशोरी जलेसर क्षेत्र कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राएं हैं। इसके साथ ही अन्य किशोरियों के अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। इस वैक्सीन को लेकर कुछ अभिभावकों में कई तरह की भ्रांतियां हैं जिन्हें जागरूक कर दूर किया जा रहा है।