होली मोहल्ला स्थित माता मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु।
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एटा। शहर के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन भक्तों ने मां चंद्रघंटा की पूजा कर सुख-शांति की कामना की। तड़के से सुबह करीब 8 बजे तक भक्तों की संख्या अधिक रही। माता पथवारी और काली मंदिर में भक्तों की भीड़ रही।
शहर में ठंडी सड़क स्थित माता पथवारी मंदिर, काली मंदिर और संतोषी माता मंदिरों पर सबसे अधिक भीड़ देखी गई। महिला-पुरुष सहित बालक-बालिकाएं भी पूजा की थाल लेकर मंदिर पहुंच रहे थे। वहीं ठंडी सड़क पर मंदिरों के सामने लगी पूजा सामग्री आदि की दुकानों पर खरीदारी भी की गई।
इसके अलावा होली मोहल्ला स्थित माता शीतला देवी, जीटी रोड पर मां जनता दुर्गा मंदिर सहित अन्य मंदिरों पर भी भक्त पूजा करने के लिए पहुंचे।
तीन सौ साल पुराना है मां शीतला देवी मंदिर
शहर के होली मोहल्ला स्थित मां शीतला देवी का मंदिर करीब तीन सौ साल पुराना है। यहां के पुजारी राजबहादुर ने बताया कि साल 1984 में कुछ लोगों ने मंदिर स्थल पर कब्जा करने का प्रयास किया था। तो भक्तों ने मामले को प्रशासन तक पहुंचाया। जिसके बाद मंदिर की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल कराई गई। फर्श का निर्माण कराया और पत्थर की नौ देवियों की आकृति के पीतल के मुखौटे स्थापित कराए। माता शीतला देवी की विशाल मूर्ति की स्थापना की गई।
शहर भर के श्रद्धालुओं में मंदिर को लेकर काफी आस्था है। पुजारी बताते हैं कि यह मंदिर सिद्धपीठ है। माता शीतला नगर देवी के रूप में विख्यात है। पूरे शहर के लोग मनोकामना पूर्ति के लिए सैकड़ों की संख्या में मां के चरणों में सिर झुकाने आते हैं। शीतला मां मंदिर में माता के नौ विग्रह काफी पहले स्थापित हुए, जो आज भी मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के अलावा होली के बाद बासोड़ा पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ यहां लगती है।