एटा। जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर बुधवार को तीन पालियों में डीएलएड चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा संपन्न हो गई। अंतिम दिन तीन पालियों में हिंदी, अंग्रेजी और शांति शिक्षा और सतत विकास विषय की परीक्षा हुई। इसमें पहली पाली में 83, दूसरी पाली में 86 और तीसरी पाली में 89 प्रशिक्षुओं ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते समय कुछ प्रशिक्षु हाथ और पेपर पर उत्तर ले जाते हुए पकड़े गए। इसको लेकर अमर उजाला ने 20 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद बुधवार को आला अधिकारी अपनी सीट छोड़कर सभी विद्यालयों पर निरीक्षण करते नजर आए।
जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर डीएलएड चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा हुई। पहली पाली सुबह 10 बजे से 11 बजे तक आयोजित की गई। इसमें हिंदी विषय की परीक्षा हुई। इसमें कुल 4740 प्रशिक्षु पंजीकृत थे जिसमें 4657 प्रशिक्षु ने परीक्षा दी। शेष 83 प्रशिक्षु अनुपस्थित रहे। परीक्षा देने के बाद प्रशिक्षुओं ने बताया कि पेपर आसान रहा। वहीं दूसरी पाली सुबह 11ः30 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक आयोजित की गई। इसमें अंग्रेजी विषय की परीक्षा हुई। इसमें कुल 4759 प्रशिक्षु पंजीकृत थे जिसमें 4673 प्रशिक्षुओं ने परीक्षा दी। शेष 86 प्रशिक्षुओं ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा देने के बाद प्रशिक्षुओं ने बताया कि अंग्रेजी का पेपर भी आसान रहा। तीसरी पाली में शांति शिक्षा और सतत विकास विषय का पेपर आयोजित किया गया। इसमें 4836 प्रशिक्षु पंजीकृत थे जिसमें 4747 प्रशिक्षुओं ने परीक्षा दी। शेष 89 प्रशिक्षुओं ने परीक्षा छोड़ दी।
वहीं नकल विहीन परीक्षा के लिए बीएसए और डायट प्रभारी दिनेश कुमार ने बुधवार को शहर के महारानी लक्ष्मीबाई बालिका इंटर कॉलेज में जाकर निरीक्षण किया। कंट्रोल रूम में सीसीटीवी कैमरों को चेक किया। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत सिंह ने राजकीय इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया।