जलेसर। नगर पालिका परिषद में चल रही अनियमितताओं की शिकायत लोकायुक्त लखनऊ से की गई है। इस पर डीएम ने एसडीएम जलेसर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम बनाकर जांच शुरू करा दी है।
जांच टीम में एसडीएम के अलावा बीडीओ जलेसर एवं अवर अभियंता लोक निर्माण विभाग सम्मिलित हैं, लेकिन एसडीएम के अवकाश पर होने की वजह से टीम अभी तक औपचारिक रूप से जांच शुरू नहीं कर सकी है। वही जांच टीम के सदस्य बीडीओ पीएस आनंद ने पालिका प्रशासन पर जांच में सहयोग न करने का आरोप लगाया है। जबकि पालिका प्रशासन ने बीडीओ के आरोप को निराधार बताया है।
इन आरोपों की जांच करेगी समिति
- जलकल विभाग में हैंडपंप मरम्मत सामग्री बाजार भाव से दोगुने, तीन गुने मूल्य पर फर्जी बिल वाउचर लगाकर भुगतान किया जाना।
- मार्ग प्रकाश विभाग में बाजार में उपलब्ध बल्ब चार वाट प्रति नग दोगुने दामों में क्रय कर फर्जी भुगतान कराया जाना।
- निर्माण मिसलेनियस भुगतान के नाम लाखों रुपये की धनराशि निकाला जाना।
- कान्हा गोशाला के नाम पर 8.45 लाख धनराशि का बंदरबांट।
- कबाड़ से एगिंल, सरिया, टिन आदि काटकर नगर क्षेत्र में नालियों पर जाल लगाकर नए जाल का भुगतान निकालना।
- निर्वाचित पालिकाध्यक्ष के पति के पालिकाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठकर कर्मचारियों का आदेशित करना।
- कर्मचारियों के नाम पर फर्जी भुगतान किए जाना।
- 15वें वित्त आयोग में विभिन्न गलियों में मरम्मत के नाम पर 6.70 लाख रुपये बिना कार्य निकालना।
- जनवरी से माह के बीच पुराना पड़ा हुआ कबाड़ा अनियमित तरीके से बिक्री करना।