जनपद के अधूरे पड़े शोंचालय का फाइल फोटो
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एटा। स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर पालिका की मुसीबत बढ़ती जा रही है। एक ओर पालिका सर्वेक्षण में पूरा जोर लगाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर आ रहे परिणामों में पालिका लगातार फेल होती जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी और नगर पालिकाओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही आदर्श नगर पालिका बनाने के लिए इन दिनों स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है। कई स्तरों पर चले रहे सर्वेक्षण में केंद्र और प्रदेश सरकार की संयुक्त टीमें इन दिनों शहर की साफ-सफाई व्यवस्था, शौचालयों का निर्माण, उनका संचालन, कूड़े का उठान, निस्तारण आदि व्यवस्थाओं को परख रही है, जिससे नागरिकों को बेहतर जीवन उपलब्ध कराया जा सके।
इधर नगर पालिका के अफसर स्थलीय कार्य के बजाए कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं, नतीजा रैंक में आशातीत सुधार नहीं हो पा रहा है। ओडीएफ में फेल होने वाली पालिका ओडीएफ प्लस में भी फेल हो गई है। पिछली साल 30 अगस्त को पालिका ने ओडीएफ प्लस के लिए अवेदन किया था। इसमें टीम द्वारा पालिका द्वारा बनाए गए शौचालयों का निरीक्षण किया, इन शौचालयों को मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। साथ ही गंदगी, मल का सही निस्तारण न हो पाने, शौचालयों का समुचित उपयोग आदि न होने पाने के कारण नगर पालिका एटा को फेल घोषित कर दिया गया है।