एटा। शहर कटरा मोहल्ला से गिरफ्तार किए गए बदमाशों के गैंग के सदस्यों की पहचान मोहल्ला के लोग नहीं कर पाए और गैंग के सदस्य मेलजोल बढ़ाने में लगे रहे। गनीमत रही कि किसी के यहां पर बड़ी वारदात नहीं हुई। गैंग के लोग बहुत ही घातक तरीके से हमलाकर निर्ममता से हत्याएं करके लूटपाट करते हैं।
कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला कटरा बाला जी मंदिर के पीछे रहने वाले बदमाशों के गिरोह के दो लोगों को उठाकर ले गई। यह लोग महिलाओं और बच्चों के साथ किराये पर रहते थे। मोहल्ला के लोगों से इन्होंने काफी मेल जोल बढ़ा लिया था और लोगों को भनक नहीं तक नहीं कि वह खतरनाक लोगों के साथ में बैठने लगे हैं। इनकी महिलाएं मकान में रहने वालों से ज्यादा ताल्लुक नहीं रखती थीं। इससे कुछ शक तो मकान में रहने वाली महिलाओं को होता था लेकिन कोई जिक्र नहीं किया। लोगों का कहना है कि एसटीएफ के हत्थे चढ़े गिरोह के सदस्य वारदात अन्य स्थानों पर करके रहने के लिए आते थे। इसके बाद फिर चले जाते थे।
मंदिर को बना लिया सेफहाउस
गिरोह के लोग काफी शातिर थे और मकान में रहने की अपेक्षा मंदिर को सेफहाउस बना लिया था। ताकि किसी को कोई शक नहीं हो। यही वजह थी कि महिलाओं को किराए के मकान में सुलाने के बाद मंदिर पर ही सोया करते थे। मंदिर में रहने वालों के साथ कभी ऐसी वार्ता नहीं की किसी को शक हो सके। शातिर दिमाग लगाने के कारण एक वर्ष तक वह पूरी तरह से सुरक्षित रहे।