शहर में अधूरे पड़े शौचालय का फाइल फोटो।
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एटा। कागजों में भले ही जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया हो, लेकिन वास्तविकता इससे इतर है। ग्रामीण क्षेत्र में 14165 लोगों के यहां शौचालय नहीं बन सके हैं। डीडीओ एसएन कुशवाह ने बताया कि भारत सरकार द्वारा शौचालय निर्माण के लिए धनराशि नहीं मिली है। इसी वजह से कार्य अधूरा पड़ा है। उन्होंने बताया कि 207000 लोगों ने शौचालय के लिए आवेदन किया था, जिसमें 180000 ही लोग पात्र पाए गए। 27505 लोग अपात्र मिले। शौचालय निर्माण में 50 हजार की कार्यपूर्ति आना अभी शेष है। उन्होंने बताया कि 14165 लोगों के यहां शौचालय का निर्माण धनराशि आने के बाद शुरू होगा।
बनेंगे सार्वजनिक शौचालय
नगर पालिका परिषद की ओर से 10 नए सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। नगर पालिका के ईओ डॉ. दीप वार्ष्णेय ने बताया कि सार्वजनकि शौचालय निर्माण के लिए अभी जगह सुनिश्चित करना बाकी है। ईओ ने बताया कि 10 जगहों पर पांच सीट वाले शौचालय बनाए जाएंगे। सीओ सिटी ऑफिस के समक्ष महिलाओं के लिए पिंक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है।