स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बनाने की कवायद चल रही है। पर, ओडीएफ गांव घोषित करने में भी अफसर सिर्फ बाजीगरी ही दिखा रहे हैं। इसकी ही बानगी गांव नगला बरेठी में देखने को मिली। ओडीएफ घोषित इस गांव में ही 20 फीसदी घरों में शौचालय ही नहीं बने हैं। वहीं यहां के स्कूलों में भी ताले लटकते रहते हैं।
खुले में शौच मुक्त अभियान के तहत विकास क्षेत्र के नगला बरेठी, शहवाजपुर पश्चिम, गढ़ी डूगरा, बरौना, गठौरा, नगला करन, नैथरा, मिहोला, सुनगढ़ी, पंच सोती गांव को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। इनमें से ग्राम पंचायत सुजावलपुर के नगला बरेठी की हकीकत शनिवार को देखी गई। सामने आया कि गांव के प्राथमिक विद्यालय में शौचालय तो बने हैं, लेकिन इनका उपयोग बच्चे नहीं कर पाते। इनमें ताले लटकते रहते हैं। इसी तरह 150 घरों के इस गांव में करीब 20 फीसदी मकान में अभी शौचालय नहीं बनाए गए हैं। गांव में एक परिवार तो ऐसा है, जिसके पांच भाईयों ने अलग-अलग घर तो बना रखा है, लेकिन शौचालय सिर्फ एक घर में है। ऐसे में चार भाईयों का परिवार खुले में शौच जाना है।