जलेसर में पीतल व्यापारियों और भट्टी संचालकों द्वारा सीजीएसटी और जीएसटी की छापामार कार्रवाई के विरोध में विधायक संजीव दिवाकर को ज्ञापन सौंपने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। विधायक ने इस घटनाक्रम को लेकर अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की थी जिस पर सुनील प्रताप नामक व्यक्ति ने एक आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस टिप्पणी को लेकर नगर के व्यापारियों और स्वयं विधायक संजीव दिवाकर ने कोतवाली में सुनील प्रताप सिंह के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
सोमवार दोपहर पीतल व्यापारियों और भट्ठी संचालकों ने जीएसटी विभाग की लगातार कार्रवाई के विरोध में विधायक संजीव दिवाकर से मुलाकात की थी और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद विधायक ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर घटना की जानकारी देते हुए एक पोस्ट की। इसी पोस्ट पर सुनील प्रताप नामक यूजर ने ऐसी टिप्पणी की जिसे लेकर व्यापारियों और विधायक ने कड़ी आपत्ति जताई है।
व्यापारियों का कहना है कि यह टिप्पणी न केवल व्यापारियों के संघर्ष को कमजोर करने का प्रयास है बल्कि यह एक जनप्रतिनिधि के खिलाफ भी अभद्र भाषा का प्रयोग है। वहीं विधायक संजीव दिवाकर ने भी इस टिप्पणी को व्यक्तिगत मानहानि और उनकी छवि खराब करने का प्रयास बताया है। उन्होंने पुलिस से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के अध्यक्ष आशीष गुप्ता ने कोतवाली पुलिस को तहरीर के आधार पर सुनील प्रताप सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किए जाने की मांग की है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की स्वतंत्रता और उसकी सीमाओं को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। कोतवाली पहुंचे लोगों में आदित्य मित्तल, अंकित गोयल, अंकित बंसल, आशीष गुप्ता, हरीश वार्ष्णेय, अर्चित अग्रवाल, रूपम गुप्ता, शुभम बंसल, संचित मित्तल, पराग गोयल आदि शामिल थे। कोतवाली प्रभारी डॉक्टर सुधीर राघव ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।