प्रवचन करते आचार्य विमर्श सागर महाराज ।संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। शहर के ठंडी सड़क स्थित नन्नूमल चौराहा को अब विमर्श सागर चौक के नाम से जाना जाएगा। यहां बनाए गए अहिंसा कीर्ति स्थल का लोकार्पण रविवार को भावलिंगी आचार्य विमर्श सागर महाराज और सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड ने किया। नगर पालिका परिषद व सदर विधायक के प्रयास से इस स्तंभ का निर्माण किया गया है। इसके बाद बड़े जैन मंदिर में विमर्श सागर महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि वस्तु की उपयोगिता उसके गुण पर आधारित है।
यदि गुण आपकी दृष्टि में आए तो एक छोटी सी वस्तु भी बहुत उपयोगी होती है। एक मनुष्य ही ऐसा है जो आत्मगुणों को जान सकता है और अपने गुणों से समस्त पदार्थों के गुणों को भी जान सकता है। गुण प्रत्येक पदार्थ में है, लेकिन इन्हें जानने की शक्ति केवल जीव में ही है। इस दौरान राकेश गांधी, योगेश जैन, निर्मल जैन, आलोक जैन, प्रमोद, पंकज जैन रहे।