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सीसीटीवी कैमरा न लगाने पर 38 केंद्रों को नोटिस

Fri, 17 Mar 2017 12:40 AM IST
amar ujala
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परीक्षा से पहले छात्राओं की तलाशी लेती छात्राएं - फोटो : amar ujala
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बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने की प्रशासन की कवायद की पहले दिन ही पोल खुल गई। नकल माफिया के दखल के चलते परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने के नाम पर खाना पूर्ति की गई है। 38 केंद्रों पर तो कैमरे लगे ही नहीं हैं। डीआईओएस ने इन केंद्रों को नोटिस जारी कर परीक्षार्थियों को जिला मुख्यालय के केंद्रों पर शिफ्ट करने की चेतावनी दी है।
जिला परीक्षाओं में नकल के लिए बदनाम है। पूर्व में सामूहिक नकल, प्रश्नपत्र आउट होने के मामले हो चुके हैं। इसके चलते परीक्षा केंद्रों को काली सूची में भी डाला गया। नकल के नाम पर उगाही का खेल भी बड़े पैमाने पर होता है। नकल का खेल कैमरे में कैद न हो जाए इसके लिए केंद्र संचालकों ने डीएम के आदेश को ही धता बता दिया। जिले में 87 केंद्रों पर गुरुवार से बोर्ड परीक्षा शुरू हो गई। बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए बनाए गए जोनल, सेक्टर और शिक्षा विभाग के सचल दल ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के नाम पर अधिकांश केंद्रों पर खानापूर्ति ही नजर आई। केंद्र व्यवस्थापकों ने न तो प्रश्नपत्रों पर नजर रखने के लिए ही सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं और न ही परीक्षार्थियों के कक्षों में। मुख्य दरवाजे के अलावा एक-दो स्थानों पर ही कैमरे लगवाकर खाना पूर्ति कर दी गई। 38 केंद्रों पर तो एक भी कैमरा लगा नहीं मिला। इसकी पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई। जिलाधिकारी के आदेश के बाद ऐसे विद्यालयों के खिलाफ नोटिस जारी करने की कार्रवाई कर दी गई। कैमरे न लगाने पर परीक्षार्थियों को जिला मुख्यालय के केंद्रों पर शिफ्ट करने की चेतावनी दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक आरएसएस राजपूत ने बताया कि जिन परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं उनको नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
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परीक्षा के पहले दिन जिला मुख्यालय के केंद्रों पर परीक्षार्थियों को तलाशी के बाद ही अंदर प्रवेश दिया गया। उन्हें परीक्षा कक्षा में प्रवेशपत्र और पेन आदि ले जाने की ही अनुमति दी गई। परीक्षार्थियों के मोबाइल आदि सामान को जमा करा लिया गया। पेपर छूटने के बाद सामान वापस किया गया। बोर्ड परीक्षा के पहले दिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का हिंदी का पेपर रहा। पेपर देकर निकले छात्र-छात्राओं ने बताया कि पेपर काफी सरल था, इसलिए बेहतर प्रदर्शन कर सके। इंटर के परीक्षार्थी विवेक राघव ने बताया कि प्रश्नपत्र काफी सरल था, इसलिए उसे हल करने में खूब मन लगा।

उत्तर पुस्तिकाएं देर से पहुंचाने में तो नहीं हो रहा खेल
कासगंज। बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया उत्तर पुस्तिकाओं को भी बदलवा देते हैं। पूर्व में उत्तर पुस्तिकाएं बाहर लिखकर परीक्षा संपन्न होने के बाद बदलने का मामला पकड़ा जा चुका है। उत्तर पुस्तिकाओं को समय से जमा कराने के लिए दो संकलन केंद्र बनाए गए हैं। जो संकलन केंद्र नजदीक पडे़गा उस पर उत्तर पुस्तिकाएं जमा कराने की व्यवस्था की गई है। पहले दिन उत्तर पुस्तिकाओं को जमा करने के लिए कई घंटे विलंब के साथ केंद्रों से शिक्षक व कर्मी संकलन केंद्र पर पहुंचे।
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बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन परीक्षार्थियों से रुपये मांगने का मामला सामने आया है। परीक्षार्थियों के अभिभावकों ने माध्यमिक शिक्षा विभाग निदेशालय को इस संबंध में शिकायत भी भेजी है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि केंद्र व्यवस्थापकों ने उनके बच्चों को रुपये न देने पर उत्तर पुस्तिका से पेज निकाल लेने की धमकी दी है। केंद्रों ने सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगाए हैं। नकल के लिए अलग से कक्षों की व्यवस्था की गई है। शिकायत करने वालों में बलिहारी सिंह, सुमन यादव, आशीष यादव, मनोज मिश्रा, राजेश सोलंकी, ठाकुर वीरभान, मुहीम, अतर सिंह राजपूत, अभिषेक, जयप्रकाश, रामरायण आदि शामिल हैं।
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