एटा। जिले में बुखार का प्रकाेप फैला हुआ है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में शिविर लगा बुखार पीड़ितों की जांच कराई जा रही है, लेकिन रिपोर्ट सभी की निगेटिव आ रही है। आंकड़ों की बात करें तो 11 गांवों में पांच दिनों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इस दौरान 1491 बुखार पीड़ितों की मलेरिया की जांच हुई, सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि प्राइवेट पैथोलॉजी लैब पर लगातार मलेरिया और डेंगू के केस मिल रहे हैं। ऐसे में लोग जांच को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज सहित सीएचसी-पीएचसी तक प्रतिदिन 700 से 800 बुखार पीड़ित इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा निजी नर्सिंग होम सहित क्लीनिकों पर बुखार के पीड़ितों की भरमार है। जांच प्राइवेट पैथोलॉजी की हो तो प्रतिदिन बुखार से ग्रसितों को मलेरिया व रैपिड कार्ड से डेंगू निकल रहा है। डेंगू एलाइजा की रिपोर्ट को ही स्वास्थ्य विभाग सही मान रहा है। डेंगू के केस एलाइजा जांच में आ रहे हैं। लेकिन मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी-पीएचसी पर मलेरिया के केस की पुष्टि नहीं की जा रही है। बात की जाए प्राइवेट लैब की तो प्रतिदिन बुखार से ग्रसितों में मलेरिया निकल रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार से शनिवार तक जिले के 11 गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाए गए। इस दौरान 1491 बुखार पीड़ितों की मलेरिया की जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई।