एटा। उप्र के प्रमुख सचिव ने 21 नवंबर 2017 को आदेश जारी किया था। जिसके तहत प्रत्येक बुधवार को हेलमेट और सीटबेल्ट दिवस मनाने के निर्देश दिए गए। इसमें लोगों को जागरूक करने के साथ ही कार्रवाई भी की जानी थी। आदेश होने के बाद शुरूआती महीनों में कार्रवाई होते देखी गई, लेकिन धीरे-धीरे आम वाहन चालक तो दूर, यातायात पुलिस के जिम्मेदार भी इस दिवस का भूल गए। अब सड़कों पर बुधवार को रोज की तरह ही यातायात चलता है और नियम भी टूटते हैं। ऐसा नहीं है कि यातायात पुलिस कर्मी सड़कों पर नहीं होते, लेकिन अब गौर ही नहीं किया जाता। उनकी आंखों के सामने ही बिना हेलमेट लगाए दोपहर वाहन चालक और बिना सीटबेल्ट लगाए कार चालक गुजरते रहते हैं।
दृश्य 1: पुलिस कर्मी ही तोड़ रहे नियम
यह दृश्य घंटाघर चौराहा का है। पास में ही सीओ सिटी कार्यालय है। यातायात व सिविल पुलिसकर्मी भी चौराहे पर तैनात रहते हैं, लेकिन उल्लंघन करने वाले ही जब पुलिसकर्मी हैं तो पुलिस कार्रवाई कैसे करे? बुधवार को दो पुलिसकर्मी एक आरोपी को बीच में बैठाकर मोटरसाइकिल से ले जा रहे थे। तीन लोग तो थे ही, चलाने वाला तक हेलमेट नहीं लगाया था।
दृश्य 2: अंगोछा जरूरी, हेलमेट नहीं
जीटी रोड पर मेडिकल कॉलेज के पास से दो बच्चों को बैठाकर दंपती बाइक से गुजर रहा था। भीड़भाड़ वाले इस स्थान पर हादसों का खतरा काफी रहता है, लेकिन बाइक चलाने वाले व्यक्ति को इसकी परवाह नहीं थी। गर्मी से बचने के लिए सिर पर अंगोछा बांधना तो उनके लिए जरूरी था, लेकिन हादसे की स्थिति में सुरक्षित रहने के लिए हेलमेट लगाना उतना जरूरी नहीं लग रहा था।
दृश्य 3: कोतवाली नगर के सामने भी हिचक नहीं
पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोग इतने बेफिक्र हैं कि उन्हें वाहन चलाते समय नियमों का उल्लंघन करने में डर तो क्या, हिचक तक नहीं लगती। बुधवार को कोतवाली नगर के ठीक सामने गुजर रही बाइक को देखकर ऐसा ही लग रहा था। बाइक पर तीन लोग बैठे थे। बाइक चलाने वाले जनाब कानों में हेडफोन और आंखों पर चश्मा लगाए हुए थे, लेकिन हेलमेट लगाने की जहमत नहीं की।
दृश्य 4: कार की सीटेबेल्ट देखने वाला कोई नहीं
जब दोपहिया वाहन पर हेलमेट न लगाने पर रोकटोक नहीं है तो कार के अंदर सीटबेल्ट भला कौन देख रहा है। बुधवार को भी पूरे शहर में अधिकांश कार चालक बिना सीटबेल्ट के गाड़ी चला रहे थे। ठंडी सड़क तिराहे से पुलिसकर्मियों की आंखों के सामने से होकर यह कार आगे घंटाघर चौराहा की ओर बढ़ रही थी, वहां भी पुलिस तैनात रहती है। कार चालक और साथ बैठा व्यक्ति सीटबेल्ट नहीं लगाए थे।