एटा। यूपीआई भुगतान पर केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के विरोध में व्यापारी लामबंद हो रहे हैं। उन्होंने दुकानों पर नो यूपीआई ओनली कैश के पर्चे दुकानों पर लगा दिए हैं। व्यापारी डिजिटल भुगतान के बजाय नकद भुगतान की अपील ग्राहकों से कर रहे हैं।
शहर के प्रमुख बाजार बाबूगंज व घंटाघर सहित आसपास भी कई दुकानों पर रविवार को व्यापारी ग्राहकों को यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करने की जानकारी देते रहे। व्यापारी मनोज गुप्ता का कहना है कि यूपीआई पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से कारोबारियों पर आर्थिक भार बढ़ेगा। इसी के विरोध में संगठन ने शुक्रवार को एटा उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में व्यापारियों ने घंटाघर पर प्रदर्शन किया था। इसमें यूपीआई भुगतान के बहिष्कार की मांग की थी। इसका असर बाजार में दिखने लगा है। व्यापारियों ने दुकानों पर नो यूपीआई ओनली कैश के पर्चे लगा दिए हैं।
यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर का व्यापारी समाज विरोध करता है। डिजिटल भुगतान की सुविधा को लेकर व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं डाला जाना चाहिए। -सुधीर गुप्ता, व्यापारी
व्यापारी पहले से ही विभिन्न खर्चों और शुल्कों का सामना कर रहे हैं। यूपीआई भुगतान पर एमडीआर लगाए जाने का प्रस्ताव कारोबार की लागत बढ़ाने वाला है। पर्चे लगाकर विरोध दर्ज जताया है। -असद, व्यापारी
यूपीआई भुगतान की सुविधा ग्राहकों और व्यापारियों के लिए लंबे समय से उपयोगी रही है। ऐसे में इस पर प्रस्तावित एमडीआर को लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। व्यापारियों के हितों को प्रभावित करने वाले किसी भी शुल्क का संगठन विरोध करेगा। -अतुल राठी, नगर अध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल
घंटाघर स्थित मोबाइल की दुकान पर ग्राहकों को नो यूपीआई नो कैश के पर्चे दिखाकर विरोध दर्ज कराता
घंटाघर स्थित मोबाइल की दुकान पर ग्राहकों को नो यूपीआई नो कैश के पर्चे दिखाकर विरोध दर्ज कराता
घंटाघर स्थित मोबाइल की दुकान पर ग्राहकों को नो यूपीआई नो कैश के पर्चे दिखाकर विरोध दर्ज कराता