एटा। मारहरा ब्लॉक क्षेत्र के जिन्हैरा में संचालित आरओ प्लांट का लाइसेंस निलंबित किया गया है। निरीक्षण के दौरान प्लांट परिसर में न तो सफाई मिली और न ही पानी को शुद्ध किए जाने की ही व्यवस्था थी। पानी को शुद्ध करने के लिए कई चरण में प्रक्रिया होती है। इसके बाद ही शुद्ध पानी की आपूर्ति बाजार या ग्राहकों को की जाती है। इसमें अल्ट्रावायलेट उपचार एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके जरिये पानी को रसायन मुक्त बनाया जाता है।
यह पानी के बैक्टीरिया, वायरस व अन्य सूक्ष्मजीवों को निष्क्रिय करती है और पानी को कीटाणुरहित व पीने के लिए सुरक्षित बनाती है। इस तरह पानी प्लांट में सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया इसे ही कहा जा सकता है। जिन्हैरा में चल रहे ब्लूवा प्लांट पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 9 जनवरी को निरीक्षण किया था।
सहायक आयुक्त डॉ. चमन लाल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान इकाई परिसर में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। पानी का अल्ट्रावॉयलेट ट्रीटमेंट नहीं किया जा रहा था। इन अनियमितताओं पर इसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। पानी का सैंपल भी लिया है जिसकी जांच रिपोर्ट आने पर अन्य कार्रवाई की जाएगी।