जीप पलटने से निधौलीकला के एसओ की मौत
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गुरुवार रात एसओजी संग शराब माफिया के घर से दबिश देकर लौट रहे एसओ निधौली कलां की सरकारी जीप बाकलपुर मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में थानाध्यक्ष निधौलीकलां दिग्विजय सिंह के सिर में चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक सहित तीन सिपाही घायल हो गए। एक सिपाही को गंभीर हालत में आगरा रेफर कर दिया है। स्वाट टीम प्रभारी ने देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना पर एसएसपी, एएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस लाइन में सलामी देकर एसएसपी ने पार्थिव शरीर परिवार को सौंप दिया है।
मूल रूप से जिला देवरिया के गांव देहरी निवासी दिग्विजय सिंह (30) पुत्र नर्मदा सिंह वर्तमान में थाना निधौलीकलां में थानाध्यक्ष के पद पर तैनात थे। दिग्विजय को नौकरी उनके एसआई पिता की मौत के स्थान पर मिली थी। गुरुवार रात मुखबिर की सूचना पर एसओ एसओजी टीम के साथ गला बंदी में शराब मफिया के घर दबिश देने गए थे। रात 12.30 बजे दबिश देकर लौटते वक्त चालक सुरेंद्र काफी तेजी से जीप चला रहा था कि गांव बाकलपुर मोड़ पर कार मोड़ने वक्त अनियंत्रित होकर पलट गई। पुलिस कर्मियों की माने तो जीप सड़क पर दो बार पटलने के बाद सीधी खड़ी हो गई और इसी दौरान चालक के बराबर वाली सीट पर बैठे थानाध्यक्ष का सिर सड़क पर लगने से उनकी मौत हो गई। हादसे में सिपाही नईम खान, सुरेंद्र समेत तीन सिपाही घायल हो गए। पीछे से आ रही स्वाट टीम थानाध्यक्ष, सिपाहियों को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। जबकि गंभीर घायल सिपाही नईम खान को आगरा रेफर कर दिया।
एक साल पूर्व हुई थी शादी
एटा। पोस्टमार्टम गृह पहुंचे परिवारीजनों ने बताया कि करीब एक साल पूर्व दिग्विजय सिंह की शादी गोरखपुर निवासी अर्चना के साथ हुई थी। दिग्विजय की पत्नी आठ महीने से गर्भवती है।
बेहतर काम के डीजीपी ने किया था सम्मान
एटा। बताते है कि कई महत्वपूर्ण मामलों को निस्तारण करने एवं अच्छे कार्य करने पर डीजीपी ने बीते 26 जनवरी को सम्मानित किया था। डीजीपी ने उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्कृष्ट सेवा सम्मान पदक से नवाजा गया था। करीब दो माह पहले ही थानाध्यक्ष निधौलीकलां बनाए गए थे। अच्छे व्यवहार के कारण ग्रामीण भी काफी मानते थे।
एएसपी की हुई आंखें नम
एटा। घटना की जानकारी पर जब एएसपी विसर्जन सिंह यादव जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल में इनकी आंखें नम हो गई। शव को देखकर अपने-आप को नहीं रोक सके। दूसरी तरफ घटना के बाद पुलिस महकमा में शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई पुलिसकर्मी दिग्विजय सिंह की तारीफ करता था। वही कुछ पुलिसकर्मी कासगंज से आ गए थे।