एटा। पौष्टिक आहार की कमी की वजह से तमाम महिलाएं खून की कमी (एनीमिया) से ग्रसित हो रही हैं। नवंबर माह में करीब 900 महिलाएं ऐसी पाई गईं जिन्हें पौष्टिक आहार लेने का सुझाव दिया गया।
मेडिकल कॉलेज के गायनिक विभाग में सबसे अधिक गर्भवती महिलाएं परामर्श के लिए पहुंचती हैं। रोजाना 150 से 200 महिलाओं की ओपीडी होती है। नवंबर माह में कराई गई जांचों में 895 महिलाएं एनीमिया से ग्रसित पाई गई। 237 महिलाओं में 10 से 10.9 ग्राम प्रति डेसिलीटर हीमोग्लोबिन पाया गया। 7 से 9.9 ग्राम 212 महिलाओं में पाया गया। वहीं 74 महिलाओं में 4 से 7 ग्राम हीमोग्लोबिन पाया गया। एक स्वस्थ महिला में 12 ग्राम प्रति डेसिलीटर हीमोग्लोबिन होना आवश्यक है। इन्हें खान-पान बदलने के साथ पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी जाती है।
सोमवार को सामान्य वार्ड में एनीमिया के 6 मरीज भर्ती किए गए जिन्हें उपचार दिया जा रहा था। इनमें 4 महिलाएं शामिल हैं। गायनिक विभाग की एचओडी डॉ. साधना सिंह ने बताया कि एनीमिया के मुख्य लक्षणों में थकान, कमजोरी, त्वचा का पीला पड़ना, सांस फूलना, सिर दर्द, चक्कर आना और दिल की तेज धड़कन शामिल हैं। आयरन, विटामिन बी12, फोलेट की कमी, रक्तस्राव, पुरानी बीमारियों समेत कई कारणों से एनीमिया होता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- पालक, चुकंदर, हरी पत्तेदार सब्जियां, खजूर का सेवन करें।
- विटामिन बी12 और फोलेट के लिए दालें, अंकुरित अनाज भरपूर मात्रा में लें।
- पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- नियमित व्यायाम व पर्याप्त नींद लें।