नरौरा से 25000 पानी का डिस्चार्ज बढ़ा
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गंगा के जल स्तर में कई दिनों से लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इस बढ़ोत्तरी को लेकर तटवर्ती ग्रामों के लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। हरिद्वार से गंगा में पानी का डिस्चार्ज कम होने के संकेत भी मिले हैं, जिससे एक दो-दिन में जल स्तर कम होने की उम्मीद की जा रही है।
सोमवार की सुबह नरौरा बैराज से 135839 पानी का डिस्चार्ज किया था। वहीं बिजनौर से 103775 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बना हुआ था। हरिद्वार से रविवार के मुकाबले सोमवार को पानी का डिस्चार्ज कम हुआ। हरिद्वार से 57995 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बना हुआ था। पानी बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ के पानी में और क्षेत्रफल को अपने दायरे में ले लिया। कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। सोरों के इलाके के गांव में लोग लगातार बढ़ते पानी को लेकर चिंता जता रहे हैं। वहीं शहबाजपुर बांध पर बांध की ऊंचाई की ओर पानी बढ़ने की गति तेज थी। सोमवार की सांय के समय शहबाजपुर पर पानी तेजी के साथ बढ़ता जा रहा था। इस इलाके के बमनपुरा, रफातपुर सहित अन्य गांव गंगा के बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। गांव की बहारी बस्तियों तक पानी की दस्तक जा पहुंची है। लोग परेशान हैं। वमनपुरा के आशाराम बघेल ने बताया कि गांव में कई मकानों तक पानी की दस्तक आ चुकी है। यदि पानी बढ़ा तो पूरे गांव की आबादी के सामने खतरा पैदा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि गांव में डोरीलाल बघेल, केशव कुमार, नरेश कुमार, मुकेश दीक्षित, ब्रह्मानंद, मुन्नालाल बघेल, नन्नेलाल के घरों तक पानी की दस्तक हो चुकी है। ग्रामीण चारों ओर पानी भरा होने के कारण शौंच को भी परेशान हैं। पशुओं को भी पानी में रहना पड़ रहा है।