‘हत्या करने के बाद खुशी महसूस करता था राधेश्याम’
साइको किलर बनने के बाद बीमारी का करता था नाटक
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। अपने आनंद की अनुभूति के लिए हत्या करने वाला पहला किलर शनिवार को सामने आया है। ऐसे हत्यारे को अपनों और गैरों में कोई फर्क नजर नहीं आया। पुलिस के अनुसार दो भतीजों की हत्या करने के बाद भाइयों की हत्या का भी प्लान बना लिया था। हत्या करने के बाद बेहद खुशी की अनुभूति करने के लिए एकांतवास में जाकर खूब हंसता था और बाद में बीमारी का नाटक भी करता था।
एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया है कि साइको किलर (मनोरोगी) राधेश्याम से गहन पूछताछ की गई है। उसने अपने दोनों भतीजों की हत्या करना कबूल किया है और तीन भाइयों की हत्या करने की बात भी स्वीकार की है। उसने यह बात भी स्वीकार की है कि हत्या करने के बाद बेहद खुशी महसूस करता था। आनंद की अनुभूति होती थी और अपनी खुशी का आनंद लेने के लिए एकांतवास में जाकर खूब हंसता था। इसके बाद वापस आने के बाद बीमारी का नाटक करता था। ऐसा उसने दोनों हत्या करने के बाद किया था। उन्होंने बताया कि इस खुशी की दो वजह थी कि एक तो सभी की हत्याएं करने के बाद जमीन जायदाद का इकलौता वारिस बनने का सपना पूरा होता देख रहा था और दूसरी ओर एक-एक कर कम हो रहे सदस्यों को लेकर खुशी महसूस करता था। वहीं प्रभारी निरीक्षक कृतपाल सिंह ने बताया है कि साइको किलर बने राधेश्याम को हत्याएं करने का विचार कब और कहां से आया और क्यों आया, यह पूछताछ में नहीं बताया है। आरोपी ने अपने भतीजों की हत्या करने की बात कबूल की है। आरोपी को जेल भेज दिया है।