मुंसिफ कोर्ट के स्थानांतरण को लेकर छिड़ी जंग वादकारियों के लिए मुसीबत बन गई है। एक तरफ कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन मुंसिफ न्यायालय स्थानांतरण न करने पर अड़े हैं तो जलेसर के अधिवक्ता मुंसिफ न्यायालय की स्थापना को लेकर हड़ताल पर चले गए।
जलेसर तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष केपी सिंह यादव ने बताया कि 25 वर्षों के अथक प्रयासोें के बाद नगर में मुंसिफ कोर्ट की स्थापना का समय आया तो जिला मुख्यालय के अधिवक्ता बिना वजह परेशानी खड़ी कर रहे हैं। जिसका तहसील अधिवक्ता संघ खुलकर विरोध करेगी। पूर्व अध्यक्ष जयशंकर गौड़ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और सरकार गरीब मजदूर वर्ग के साथ आम नागरिकों को सस्ता और सुलभ न्याय देने के पक्ष में है। इसी के चलते जलेसर मेें 10 वर्ष पूर्व मुंसिफ न्यायालय की स्थापना की घोषणा हुई थी। आंदोलन को भाकियू भानू के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रताप सिंह, व्यापार मंडल के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल गुप्ता, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के अध्यक्ष मनोज बजरंगी, जनसेवा समति के अध्यक्ष शरद जैन, भाकियू राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमकार यादव ने अपना समर्थन दिया। सचिव युवराज सिंह, विष्णु गोपाल दीक्षित, रामनरेश यादव, लायक सिंह यादव, कैलाश चंद्र मित्तल, जेपी सिंह, राजेश शर्मा, पीएस यादव, शंकरपाल सिंह, विजय कुमार, प्रमोद पचौरी, यशपाल सिंह, सुरेंद्र यादव आदि अधिवक्ता मौजूद थे। दूसरी तरफ मुंसिफ कोर्ट स्थानांतरण के विरोध में कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रही।