एटा। स्वच्छता सर्वेक्षण का असर दिखने लगा है। जिले में तीन नगर पालिका और पांच नगर पंचायतों में गीला और सूखा कूड़ा एकत्रित कर रिसाइकिलिंग कर खाद बनाई जा रही है। इसके लिए मैटेरियल रिकवरी फेसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर भी बनाए गए हैं। यह खाद किसानों को मुफ्त में दी जाएगी।
स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत जिले की तीन नगर पालिका अलीगंज, जलेसर, मारहरा समेत पांच नगर पंचायत अवागढ़, जैथरा, निधौली कलां, सकीट व राजा का रामपुर में एमआरएफ सेंटर बनकर तैयार हो चुके हैं। यहां सर्वप्रथम घर-घर से गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्रित किया जाता है। इसके बाद इसे प्लांट पर लाकर इसकी छंटाई की जाती है। सबसे पहले सूखे कूड़े को छाना जाता है। उसके बाद उसे रिसाइकिल कर लिया जाता है। वहीं नॉन रिसाइकिल कूड़े को अलग रखा जाता है। उधर, गीले कूड़े का निस्तारण मशीन और कंपोस्ट पिट के माध्यम से किया जा रहा है। कंपोस्ट पिट सभी नगर पंचायतों में लगा हुआ है। मशीन अलीगंज, राजा का रामपुर, अवागढ़, जलेसर, निधौली कलां और मारहरा में लगी है। सकीट और जैथरा में मशीन जल्दी ही लग जाएगी, जिससे गीले कूड़े का निस्तारण कर उससे खाद बनेगी।
किसानों को मुफ्त देंगे खाद
मारहरा नगर पालिका में प्लांट लग चुका है। कूड़ा यहां पहुंचना शुरू हो गया है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में प्लांट को शुरू करा दिया जाएगा। यहां बनने वाली खाद को किसानों को मुफ्त में दिया जाएगा। -परवेज जुुबैरी, चेयरमैन, नगर पालिका मारहरा
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एक माह से चल रहा प्लांट
जलेसर में कचरे से खाद बनाने का प्लांट शुरू हो गया है। यहां घरों से सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग एकत्रित कर प्लांट पर पहुंचाया जा रहा है। एक माह से प्लांट चल रहा है। खाद किसानों को दी जाएगी।
विकास मित्तल, चेयरमैन जलेसर
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एटा की डीपीआर को स्वीकृति के लिए भेजा
नगर पालिका एटा ने विरामपुर स्थित तीन एकड़ जमीन पर बने अपने डंपिंग ग्राउंड पर सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए पांच करोड़ रुपये की डीपीआर शासन को भेजी है। डीपीआर मंजूर होने पर धनराशि अवमुक्त कराकर प्लांट लगाया जाएगा।
-डॉ. दीप वार्ष्णेय, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
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दिसंबर तक सभी सेंटर काम करना शुरू कर देंगे
जिले की तीन नगर पालिका और पांच नगर पंचायतों में स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत एमआरएफ सेंटर बनकर तैयार हो चुके हैं। जलेसर सहित कई जगह यह शुरू हो गए हैं, जबकि मारहरा सहित कुछ एक जगह इनका ट्रायल चल रहा है। दिसंबर तक सभी सेंटर काम करना शुरू कर देंगे।
सुरजीत सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, स्वच्छता सर्वेक्षण
अवागढ़ में बने एमआरएफ सेंटर पर मशीन में कूड़ा डालते कर्मचारी- फोटो : ETAH