एटा। बरसात के चलते अलीगंज कस्बे में एक मस्जिद और मारहरा कस्बे में पुराने अस्पताल की जर्जर इमारत ढह गई। इसके चलते आसपास के लोग और राहगीर परेशान रहे।
अलीगंज के गांधी मूर्ति चौराहे पर 200 वर्ष पुरानी मस्जिद है, जो ये जर्जर अवस्था में पहुंच गई थी। लगातार बारिश होने के कारण बुधवार को उसका आधा हिस्सा भरभराकर गिर गया। मुख्य चौराहा होने की वजह से यहां हमेशा भीड़ रहती है। वाहनों का भी आवागमन लगातार बना रहता है। बारिश के चलते यहां आसपास लोग नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। वहां पर फल की एक दुकान भी थी। फल विक्रेता नासिर चाय पीने गया, इसी दौरान मस्जिद गिरी, जिससे उसकी जान बच गई।
इमारत गिरने के बाद थाना प्रभारी अमित कुमार पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। बाद में तहसीलदार संदीप सिंह व नायब तहसीलदार सतीश कुमार भी पहुंच गए। नगर पालिका प्रशासन को निर्देशित कर मलबा हटवाया गया। बाद में जुनैद मियां के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के लोगों ने बैठक की। निर्णय लिया गया कि जर्जर मस्जिद को ढहाना ही सही है। इसके बाद मस्जिद की इमारत को पूरी तरह खसा दिया गया। इस दौरान मलबा रास्ते पर आने से जाम लग गया।
मारहरा कस्बे में अस्पताल चौराहा स्थित पुराने अस्पताल की जर्जर इमारत भरभराकर गिर पड़ी। यह अस्पताल भवन परित्यक्त है। इमारत गिरने से आसपास निवास करने वाले बाल्मीक समाज के लोगों के कुछ जानवर दब गए। खिलौना बाल्मीक ने बताया कि 4 जानवरों को मलबे से निकाल लिया है। जबकि 6 नहीं निकाल सके। वहीं कस्बे के एक बैंड मालिक ने सजावट व झांकियों का सामान अस्पताल के ही एक कमरे में रख दिया था। जो मलबे में दब गया। कस्बे के मोहल्ला कम्बोह निवासी सुरेश के घर की दीवार धराशाई हो गई।