एटा। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान तमाम चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। जिले में 74462 मतदाता लापता हैं। इनको ढूंढने के सारे यतन कर लिए गए लेकिन कारगर नहीं हुए। मजबूर होकर प्रशासन ने इन्हें अनुपस्थित की श्रेणी में डाल दिया है। चुनाव आयोग से तय समय में पहुंचकर ये आपत्ति प्रस्तुत करते हैं तब ही उनका नाम मतदाता सूची में वापस शामिल किया जाएगा।
एसआईआर के पहले चरण की प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई। इसमें मौजूदा मतदाता सूची के अनुसार सभी 1311967 कुल मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया गया। मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएं। इसके बाद 4 दिसंबर तक इन सभी फॉर्म का डिजिटाइजेशन किया जाना था।
हालांकि बाद में चुनाव आयोग ने इस तारीख को बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दिया। जिले में इससे पहले ही एसआईआर का कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है। जिले में कुल 1529 बीएलओ एसआईआर कार्य में लगाए गए। इनकी मदद के लिए 1200 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी अतिरिक्त लगाए गए।
घर-घर जाकर सत्यापन के दौरान 74462 मतदाता दिए गए पते पर नहीं मिले। आसपास भी इनकी जानकारी नहीं मिली। नियम था कि बीएलओ तीन बार एक मतदाता के घर जाएगा लेकिन इन मतदाताओं के मामले में इससे ज्यादा कवायद की गई। इसके बावजूद सफलता हाथ नहीं लगी। ऐसे में इन लोगों को अनुपस्थित दिखाते हुए इनका डाटा ऑनलाइन अपलोड कर दिया गया है।