एटा। मेडिकल कॉलेज के ईएनटी (नाक, कान और गला) विभाग में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सबसे अधिक कान की बीमारियों से पीड़ित मरीज उपचार के लिए पहुंचे। कान में फंगस, कम सुनाई देने के अलावा अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या अधिक रही। इनमें पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की संख्या अधिक रही। बुधवार को 160 से अधिक मरीजों को उपचार दिया गया।
ईएनटी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. सलीम खान ने बताया कि ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीज कान की विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसमें महिलाओं की संख्या अधिक रही। कई मरीज कान में फंगस की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा सुनाई कम देना, कान में आवाज गूंजना, संक्रमण और कान से मवाद आने जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।
बताया कि महिलाओं में थायरॉयड और शुगर की समस्या से भी कम सुनाई देने की दिक्कत हो रही है। ऐसे में थायरॉयड और मधुमेह से पीड़ित महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। बताया कई लोग कान की सफाई के लिए नुकीली वस्तुओं या कॉटन बड का अत्यधिक प्रयोग करते हैं, जिससे कान को नुकसान पहुंचता है।
लंबे समय तक ईयरफोन के प्रयोग से भी बढ़ रहीं समस्याएं
डॉ. सलीम खान ने बताया कि गंदगी और लंबे समय तक ईयरफोन उपयोग से भी कान संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। लंबे समय तक ईयरफोन का प्रयोग करने से लोगों को थोड़ा कम सुनाई देने लगता है। इसलिए दिन में बहुत कम ईयरफोन का प्रयोग करें और कम आवाज में गाने सुनें।
ओपीडी के बाहर खुली माइनर ओटी
डॉ. सलीम खान ने बताया कि लोगों के कान में छोटी सी दिक्कत के लिए उन्हें चौथी मंजिल पर बड़े ऑपरेशन थिएटर में ले जाना पड़ता था। अब ओपीडी के सामने ही एक कक्ष में माइनर ओटी संचालित हो गई है। यहां मरीजों के कान और नाक की छोटी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। कान में गंदगी या वैक्स को माइनर ओटी में ही निकाल दिया जाता है।
9 माह से 5 साल तक के बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन-ए की खुराक
एटा। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों में कुपोषण और विटामिन ए की कमी से होने वाली समस्याओं से बचाने के लिए विटामिन ए संपूर्ण कार्यक्रम की शुरूआत की है। सीएमओ ने बुधवार को निधौली रोड स्थित मयूर विहार कॉलोनी में जन आरोग्य मंदिर में 222 बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाकर संपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से विटामिन ए की खुराक के साथ आवश्यक फोलिक एसिड एवं आयरन सिरप का वितरण भी किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को आयु के अनुसार विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। 9 से 12 माह के बच्चों को पहली खुराक नियमित टीकाकरण सत्र के दौरान एमआर के प्रथम टीके के साथ आधा चम्मच खुराक दी जाएगी। 16 से 24 माह के बच्चों को एमआर के दूसरे टीकाकरण के बाद एक चम्मच और 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को छह माह के अंतराल पर एक चम्मच खुराक दी जाएगी। बताया यह अभियान एक माह तक चलाया जाएगा।