एटा। प्रदेश सरकार ने गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार व शुक्रवार निरीक्षण अनिवार्य कर दिया है। प्रदेशभर के 7540 गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित 12.39 लाख गोवंश के भरण-पोषण और रख-रखाव को देखते हुए अपर मुख्य सचिव पशुधन ने नए निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी आरपी शर्मा ने बताया कि गोशालाओं के निरीक्षण शुरू करने व मुख्यालय से प्रतिदिन चार केंद्रों का रूट जारी करने व प्रथम केंद्र से ही सुबह 10 बजे वीसी में भाग लेने को कहा गया है। निरीक्षण में भूसा, हरा चारा, पेयजल, चारागाह और अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति की रिपोर्ट उसी दिन भेजनी होगी। जिले में भी सभी गो-आश्रय स्थलों पर यह व्यवस्था तत्काल लागू कर दी गई है। सीवीओं ने बताया कि शासन से तीन दिन निरीक्षण की सूचना निरीक्षण के दिन सुबह आठ बजे ही पता चलेगी। तभी पता चलेगा कि आज किस गोशाला का निरीक्षण किया जाना है। कहा कि पहले से निरीक्षण स्थल की जानकारी नहीं होगी निरीक्षण के दौरान वीसी होगी। जिसमें प्रदेश से जुटे सभी सीवीओ व विभाग के कर्मचारियों से अपर मुख्य सचिव पशुधन किसी भी गोशाला का हाल उसी समय देखने को कहेंगे।