सोमवार का दिन आम लोगों के लिए राहत भरा रहा। कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश हुई। इससे सड़कों पर भी कीचड़ और जलभराव हो गई। मारहरा-मिरहची में बारिश और तेज हवाओं के चलने से खेतों में खड़ी सैकड़ों बीघा बाजरा की फसल टूट गई।
किसान की फसल भी पानी के अभाव में सूखकर बर्बाद हो रही थी। सोमवार को बारिश हुई तो कुछ राहत दिखी। हालांकि ये अभी फसलों के लिए काफी नहीं है। लेकिन बरसात के साथ चलीं तेज हवाओं ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। शहर में आधा घंटे के बारिश हुई। वहीं हवाएं चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। गड्ढों में पानी भरने व सड़कों पर कीचड़ होने से लोगों को परेशानी हुई। बच्चों व बड़ों ने भी थोड़ी देर तक हुई बरसात का आनंद उठाया। मिरहची- मारहरा में बरसात के साथ चलीं तेज हवाओं से सड़क किनारे खेतों में सैकड़ों बीघा में खड़ी बाजरा की फसल जमीन में बिछ गई। इससे किसानों को खासा नुकसान हुआ है।
पहले तो बरसात हो नहीं रही थी, अब हुई तो तेज हवाएं चलाकर फसल को और बर्बाद कर दिया। किसान भूपाल सिंह, रामनरेश, जगपाल सिंह, प्रमोद कुमार ने बताया कि अभी तक सूखा राहत का मुआवजा मिला नहीं है फिर से नुकसान हो गया।
पोल में उतरा करंट, दो श्वान मरे
प्रेमनगर में बारिश के दौरान बिजली के पोल में आए करंट से दो श्वान चिपककर मर गए, वहीं अन्य लोग बाल-बाल बच गए। लोगों ने विभागीय अधिकारियों को सूचना देकर लाइन बंद कराई। तब जाकर राहत की सांस ली।