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लाखों श्रद्धालुओं ने हरिपदी गंगा सहित लहरा गंगा, कछला गंगा घाटों पर डुबकी लगाई

Mon, 21 Dec 2015 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो एटा।
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 मार्गशीर्ष एकादशी पर सोमवार को लाखों श्रद्धालुओं ने हरिपदी गंगा सहित लहरा गंगा, कछला गंगा घाटों पर डुबकी लगाई। साधु संत भी रविवार रात ही गंगा घाट पर पहुंच गए थे। मार्गशीर्ष मेले में बच्चों ने मनोरंजक खेलों का लुत्फ लिया।
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 सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही गंगा स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। भगवान वराह मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने वराह लक्ष्मी के दर्शन कर आरती उतारी और मनौतियंा मानी। हरिपदी के घाटों पर सोमवार स्नान के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। विशेष प्रकाश और सफाई व्यवस्था के साथ अलाव जलवाने की व्यवस्था की थी।   
संतों ने पंचकोसी परिक्रमा संयोजिका महारानी गुप्ता के नेतृत्व में यात्रा शुरू की। श्रद्धालु जय गंगे जय वराह के जयकारे लगाते हुए रवाना हुए। श्रद्धालुओं ने परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले आदि वराह, श्याम वाराह, योगेश्वर, सूर्यकुंड, ग्राम्यदेवी, बटुकनाथ मंदिरों में दर्शन कर 84 घंटे वाली माता के मंदिर पर पहला पड़ाव किया। इसके बाद यात्रा आगे के लिए रवाना हुई। बाछरू बाबा, राम छितैनी, सीता रसोई होते हुए यात्रा भागीरथी गुफा पहुंची। जहां से सिद्ध गणेश मंदिर, चैतन्य महाप्रभु बैठक, काल भैरव मंदिर, पंचमहाशक्ति मंदिर, सोमेश्वर, मानस मंदिर होते हुए वराह मंदिर पर जाकर समाप्त हुई। इस दौरान भारत किशोर दुबे, पं. दिलीप शास्त्री, मोहन तिवारी, सुरेशचंद्र त्रिवेदी, योगेश सोनी, आदित्य काकोरिया, पुष्कर मिश्रा, दिवाकर सोनी, योगेश मिश्र, कृष्ण मुरारी आदि मौजूद रहे।
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मोक्ष दिवस पर स्नान आज
सोरों। मंगलवार को सुबह 11 बजे वराह घाट पर मंदिर महंत के शाही स्नान के बाद श्रद्धालु स्नान करेंगे। इसके बाद भगवान वराह की संपूर्ण नगर में धूमधाम से शोभायात्रा निकाली जाएगी।

जगह जगह हुए भंडारे
सोरों। जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया। मानस मंदिर, महेश दयानंद सोहम आश्रम, स्वामी अमृतानंद आश्रम, प्रेमी बाबा आश्रम, टाटिया बाबा आश्रम, भूदत्त आश्रम, बंशीवाले आश्रम, नागालैंड आदि में सुबह संत महात्माओं के प्रवचन के बाद अन्न क्षेत्र का आयोजन किया गया।   

जाम में उलझे श्रद्धालु, वाहनों की भी किल्लत
कासगंज। लाखों श्रद्धालुओं के स्नान के लिए प्रशासन ने तमाम व्यवस्थाएं बनाई लेकिन आस्था के आगे यह सभी व्यवस्थाएं बौनी साबित हुई। यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन की व्यवस्थाएं की थी जिससे बड़े वाहनों का दबाव नगर में न आने से जाम की समस्या न हो। वही निगम ने बड़े मेला पर्व को देखते हुए दो दर्जन बसों को लगाया था। सोमवार को जब मेला मार्गशीर्ष में गंगा स्नान को जाने वाले श्रद्धालुओं का दबाव बड़ा तो यह सभी व्यवस्थाएं बौनी साबित हुई। लोग जाम के झाम में उलझे दिखे। वाहनों की किल्लत का सामना भी करना पड़ा। डग्गेमार वाहनों का सहारा लेकर लटककर यात्राी की। सर्कुलर रोड पर पूरे दिन जाम के हालात रहे। 
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