चढ़ते पारे के साथ ही बिजली की आंख मिचौली शुरू हो गई है। घंटों की
अतिरिक्त कटौती से उपभोक्ता बेहाल हैं। कारोबार प्रभावित हैं। ग्रामीण अंचल
में तो बुरा हाल है। गेहूं की कटाई नहीं हो पा रही। मजबूर लोग दो गुने भाव
में ट्रैक्टर से थ्रेसिंग (गहाई) करवा रहे हैं। तापमान 35 डिग्री से ऊपर
पहुंच गया है। दोपहर के समय बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहता है। रोडवेज
बस स्टैंड पर पंखे खराब हैं तो यात्री गर्मी में बैठते हैं।
बढ़ती गर्मी और तापमान के साथ ही बिजली की बदहाली बढ़ने लगी है। सड़कों
पर दिन के समय सन्नाटा रहता है। धूप के चश्मे, काटन स्कार्फ की दुकानों पर
भीड़ दिख रही है। अतिरिक्त कटौती ही नहीं बढ़ी बार बार हो रही
फाल्ट-ट्रिपिंग भी घंटों की आपूर्ति बाधित कर रहे हैं। सबसे ज्यादा पेयजल
संकट गहरा गया है। एक सप्ताह से बदहाल हुई शहर की आपूर्ति को लेकर
उपभोक्ताओं में आक्रोश है। शनिवार रात को बिजली की आंख मिचौली से लोग
परेशान रहे। गर्मी और मच्छर के चलते ठीक से सो भी नहीं सके। अव्यवस्थाओं से
कारोबार प्रभावित ह। सर्वाधिक परेशानी बेेल्डर्स, चक्की उद्योग को हो रही
है। आर्डर पर सामान देने के लिए इन्हें जेनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है।
पिलुआ,
मिरहची, मारहरा, निधौली कलां, सकीट आदि क्षेत्रों के ग्रामीणों और किसानों
का आरोप है कि 14 घंटे की आपूर्ति में उन्हें चार घंटे भी नियमित बिजली
नहीं मिल पा रही। ऐसे में जायद फसलों की सिंचाई और गेहूं की थ्रेसिंग में
भी परेशानी आ रही है। कनेक्शन धारक किसान भी मजबूरी में ट्रैक्टर और अन्य
इंजन से गेहूं कटवा रहे हैं। शुक्रवार-शनिवार दिन-रात घंटों की कटौती रही।
उपभोक्ता फोन खटखटाते रहे लेकिन कंट्रोल रूम पर किसी ने फोन नहीं उठाया।
एक
बार फिर गर्मी की दस्तक के साथ ही बिजली अव्यवस्थाएं बढ़ गई हैं। इन दिनों
रात और दिन में घंटों की अतिरिक्त कटौती हो रही है। ऐसे में इनवर्टर तक
पूरे चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। पानी के लिए सबसे ज्यादा परेशानी हो रही
है।
- रेखा गुप्ता, गृहणी, श्रंगार नगर
तीन दिनों से बढ़ी
बदहाली कारोबार पर भारी पड़ रही है। लघु-कुटीर उद्योग प्रभावित हैं। बिजली
अधिकारियों को व्यापार मंडल ने आपूर्ति सुधार का नोटिस दिया है। यदि ऐसा ही
रहा तो डीएम को भी ज्ञापन दिया जाएगा।
- अतुल राठी, जिलाध्यक्ष, युवा व्यापार मंडल
रोस्टर
के अनुरूप ऊपर से मिल रही 16 घंटों की आपूर्ति दी जा रही है। दो दिनों से
ही आपात कटौती हुई है। इसके चलते सप्लाई आवर्स कम हो हुए हैं। स्थानीय
स्तर पर कोई कटौती नहीं की जा रही।
- जीसी भास्कर, एसडीओ, बिजली विभाग