हजारा नहर से निकले बंबे को माचुआ रजबहा से जोड़ने के लिए कराई जा रही
खोदाई से किसानों को नुकसान हो रहा है। किसानों का आरोप है कि बंबे की
खोदाई में उनकी जमीनें जा रही हैं। किसानों ने मुआवजा की मांग कर डीएम
कार्यालय पर धरना प्रदर्शन की धमकी दी है।
हजारा नहर से एक नवीन बंबे का निर्माण सिंचाई विभाग द्वारा
कराया जा रहा है। बंबे के निर्माण में गांव अखतौली के किसानों की सैकड़ों
बीघा जमीन खुदान में जा रही है। बंबे के निर्माण में जाने वाली किसानों की
जमीन का कोई मुआवजा न मिलने से किसान काफी परेशान हैं। गांव अखतौली निवासी
किसान राजेश बाबू आर्य का कहना है कि किसानों की हितैषी बताने वाली प्रदेश
सरकार किसानों के साथ नाइंसाफी कर रही है। सैकड़ों बीघा जमीन एक बंबे की
खोदाई में जा रही है तो प्रदेश सरकार किसानों को मुआवजा दिलवाने से कतरा
रही है। किसानों ने एटा लोक सभा क्षेत्र के सांसद राजवीर सिंह राजू को डीएम
के नाम दिए प्रार्थना पत्र में मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों ने
प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि किसानों को सरकार ने जमीन का मुआवजा
नहीं दिया तो किसान डीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे। मांग
करने वालों में जगदीश सिंह, रीनादेवी, सुनीता देवी, रामादेवी, रामवती, रोहन
सिंह, राकश, योगेश कुमार, सुरेन्द्र पाल सिंह, दर्शन पाल, दलवीर,
प्रेमवीर, राजवीर आदि है।
गांव नयाबांस अखतौली पर बंबा निर्माण के
कार्य में किसी भी किसान की जमीन नहीं जा रही है जहां बंबा की खुदाई का
कार्य चल रहा है वह सारी जमीन नहर विभाग की है जिसकी जांच पड़ताल
जिलाधिकारी द्वारा की जा चुकी है।
- रामकिशन अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग