एटा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ विद्यालय समायोजन का लगातार विरोध कर रहा है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम सदर विधायक को ज्ञापन सौंपकर प्रक्रिया रुकवाए जाने की मांग की।
जिलाध्यक्ष प्रवीन कुमार फौजी के नेतृत्व में शिक्षकों ने सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड को ज्ञापन दिया। कम छात्र नामांकन वाले परिषदीय विद्यालयों को जोड़ने के बहाने समायोजित किए जाने वाले आदेश को निरस्त कराने की मांग की। कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को समायोजित किए जाने से निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम में निहित प्रावधानों पर प्रभाव पड़ेगा। गरीब एवं वंचित समूह के बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।
विद्यालयों को समायोजित करके दूसरे गांव में बच्चों को भेजने की अनुशंसा में बच्चे बुनियादी शिक्षा की धारा से छूट जाएंगे। बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम में 300 की आबादी एवं एक किलोमीटर की दूरी पर प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का संवैधानिक अधिकार है। इसके अंतर्गत पिछली सरकारों द्वारा प्रत्येक एक किलोमीटर पर एक प्राथमिक विद्यालय खुलवाया गया था। जिला मंत्री वीरपाल सिंह जाटव, कोषाध्यक्ष प्रशांत पचौरी, संगठन मंत्री मुकेश कुमार जाटव, प्रचार मंत्री प्रदीप गौतम, ब्लॉक अध्यक्ष ओंकार सिंह, रामसुंदर यादव आदि शिक्षक मौजूद रहे।