एटा/मारहरा। शादी की मध्यस्थता कराना युवक को भारी पड़ रहा है। शादी के बाद महिला को ससुराल वालों का मीट खाना पसंद नहीं आया तो चली आई और वापस जाने से इन्कार कर दिया। परिवारीजन ने शादी में खर्च रकम को मध्यस्थ से ही वसूलने के लिए दबाव बनाया और पीटकर घायल कर दिया। पुलिस ने घायल का ही शांतिभंग में चालान कर दिया।
मामला थाना मारहरा क्षेत्र के गांव नगला आशा का का है। यहां के हरीशंचद्र को गांव के ही लोगों ने पीट कर घायल कर दिया। बचाने आई पत्नी लक्ष्मी देवी और बेटी जशोदा को भी पीटा गया। घायल ने बताया कि गांव की ही एक युवती की शादी अपने परिचित जितेंद्र उर्फ जीतू निवासी दिल्ली के साथ अप्रैल माह में कराई थी। महिला के वापस आने पर पंचायत करके भेजा गया, लेकिन कुछ दिन बाद वह फिर लौट आई। इसके बाद घरवालों ने शादी में खर्च हुए करीब छह लाख रुपये मांगे।
आरोप है कि शादी में खर्च रकम वसूलने के लिए हरीशचंद्र पर दबाव बनाया गया। जब उसने रकम लड़का पक्ष से मांगने की बात कही तो 31 दिसंबर को लाठी-डंडों से हमला कर उसे घायल कर दिया। थाने गया तो पुलिस ने मुकदमा नहीं लिखा, उसका ही चालान शांतिभंग में कर दिया। थानाध्यक्ष सतपाल सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था, दोनों की तहरीर आई है। अभी तक किसी का भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।